जिस ठग के खिलाफ दर्ज हैं 23 FIR उसी ने उसी पुलिस स्टेशन का गेट बनवाया, उसी पुलिस चौकी का रेनोवेशन करवाया, ठगी के आरोप में अब फिर गिरफ्तार !!

प्रमोद कुमार उपाध्याय

उत्तर प्रदेश के लखनऊ के मोहनलालगंज थाने में लगा गेट प्रमोद कुमार उपाध्याय नाम के ठग ने बनवाया था। पुलिस स्टेशन ने उस ठग को सम्मान देते हुए पुलिस स्टेशन के गेट पर उच्च अधिकारियों के साथ उसका भी नाम शिलापट पर लिख दिया है। इसी ठग ने पुलिस चौकी का भी रेनोवेशन करवाया था। इसी ठग के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में ठगी के 23 FIR दर्ज हैं। अब स्थानीय पुलिस और STF ने इस ठग को फिर से ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस और STF ने रविवार को प्रमोद उपाध्याय को गिरफ्तार किया है। प्रमोद उपाध्याय पर 100 से ज्यादा सैन्य परिवारों को सस्ते प्लॉट का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। प्रमोद उपाध्याय मूलतः उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहनेवाला है। इसने लखनऊ के आशियाना और कान्हा उपवन में दो कार्यालय खोल रखे थे। प्रमोद उपाध्याय ने अपने भाई विनोद कुमार उपाध्याय और पिता हरिद्वार उपाध्याय के साथ मिलकर इंफ्रा विजन प्रा. लि. नाम से एक कंपनी बनाई थी। ठगी से कमाए रुपयों को इसने खलीलाबाद, प्रतापगढ़ और रक्सौल जैसे स्थानों पर कॉम्प्लेक्स बनाकर निवेश किया था।

प्रमोद उपाध्याय के खिलाफ मोहनलालगंज, पीजीआई, आशियाना, कैंट और सरोजनीनगर जैसे पुलिस स्टेशन में लगभग 30 FIR दर्ज हैं। इनमें से 19 मुकदमे पिछले 4 महीनों में ही दर्ज किए गए हैं और बाकी पहले दर्ज किए गए थे। प्रमोद उपाध्याय का थाने में अच्छा बैठना-उठना था। उसी ने पुलिस चौकी को रेनोवेट कराया था और थाने में एक बड़ा गेट लगवाया था। थाने के गेट पर तत्कालीन एसएसपी और बाकी उच्च पदाधिकारियों के साथ प्रमोद कुमार उपाध्याय का नाम भी गेट पर लगी शिलापट पर अभी भी लिखा हुआ है।

प्रमोद उपाध्याय ने दो शहीदों के परिवारों को साल 2017 में फ्री में प्लॉट देकर सैन्य कर्मियों के बीच अपनी पैठ बनाई थी। उसने दोनों शहीद परिवारों को मोहनलालगंज बुलाया और वहां एक कार्यक्रम में प्रसिद्ध भागवताचार्य के हाथों प्लॉट की रजिस्ट्री उन्हें दी थी। इस तरह उसकी लोकप्रियता सैन्य परिवारों में और बढ़ गई थी। प्रमोद उपाध्याय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार पुलिस टीमों का गठन किया हुआ था। इसमें डीसीपी नॉर्थन निपुण अग्रवाल ने एक टीम एसीपी रजनीश वर्मा के अंडर ने बनाई और दूसरी टीम आला अधिकारियों के निर्देश पर एसटीएफ की बनाई गई। दोनों टीमों ने मिलकर रविवार को प्रमोद को दबोच लिया। प्रमोद उपाध्याय के बारे में तब खुलासा हुआ था जब मार्च में उसके खिलाफ महाराष्ट्र की एक महिला ने केस दर्ज कराया।

ACP रजनीश वर्मा ने महाराष्ट्र की लक्ष्मी देवी के केस दर्ज कराने के बाद जब प्रमोद की फाइल खोली तो उसके खिलाफ कई और मुकदमे दर्ज मिले। इसके बाद उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद कई और पीड़ित सामने आए और उन्होंने तहरीर देकर प्रमोद के खिलाफ केस दर्ज कराए। प्रमोद ने 100 से ज्यादा परिवारों को झांसा देकर करोड़ों रुपए ठगे थे।

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