फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की 9 जून, 2020 को मालाड की एक इमारत की 12वीं मंजिल गिरकर मौत हो गयी थी। दिशा सालियन के पिता ने इस बाबत बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की जांच मुंबई पुलिस की SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) अथवा CBI से कराने की मांग की है। अब महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि दिशा सालियन (28) की मौत में किसी भी तरह के संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है। साथ ही आदित्य ठाकरे भी निर्दोष हैं।
दिशा सालियन के पिता का कहना है कि उनकी बेटी के साथ बर्बरतापूर्ण बलात्कार, हत्या की गई और इसे राजनीतिक रूप से दबाने की कोशिश की गई। बलात्कार और हत्या में आदित्य ठाकरे का भी रोल है। इसलिए आदित्य ठाकरे के भी खिलाफ FIR दर्ज की जाये। राज्य सरकार की ओर से मालवणी पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर शैलेन्द्र नागरकर ने जवाब दाखिल किया। उन्होंने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोप आधारहीन और निराधार हैं। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन और या शारीरिक हमले के कोई संकेत नहीं मिले। जांच में न ही सीमन या योनि में कोई जख्म पाया गया। जवाब में दिशा के बॉयफ्रेंड रोहन रॉय के फ्लैट से गिरने की परिस्थितियों के बारे में विस्तार से बताया गया है। उस रात दोस्तों के साथ पार्टी चल रही थी। दिशा की फ्रेंड्स ने कहा कि अपनी मौत से पहले वह बहुत ज्यादा नशे में थी। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ने भी इसकी पुष्टि की है। जवाब में कहा गया है कि उस रात मौजूद सभी दोस्तों के बयान एक जैसे हैं। जवाब में कहा गया है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए, दिशा ने अपनी मर्जी से खिड़की से छलांग लगा दी…. और आत्महत्या कर ली।
आदित्य ठाकरे शिवसेना (UBT) के नेता हैं। विधायक हैं और पूर्व मंत्री हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र हैं। आदित्य ठाकरे ने हस्तक्षेप याचिका दायर कर मामले में सुनवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि आदेशों से उन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वह महाराष्ट्र के एक बहुत ही प्रतिष्ठित परिवार से हैं और उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को बदनाम करने की कोशिशें की जा रही हैं। बुधवार को हाई कोर्ट ने सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।
