बृजेश सोलंकी
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में राज्य स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी बृजेश सोलंकी की कुत्ते के पिल्ले के काटने से मौत हो गयी। बृजेश सोलंकी की तड़प तड़प कर मौत हुई। उनके तड़पने का वीडियो इतना दिल दहला देने वाला है कि कि ABI उसे यहाँ दिखा नहीं रहा। बृजेश सोलंकी की गलती थी कि उन्होंने एंटी-रेबीज टीका नहीं लगवाया था।
22 वर्षीय बृजेश सोलंकी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के फराना गांव के निवासी थे। 25 जून को नाली में गिरे एक कुत्ते के पिल्ले को उन्होंने दयाभाव दिखाते हुए बाहर निकाल दिया। नाली से निकालते वक्त पिल्ले ने उनकी अँगुलियों में काट लिया। लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 28 जून को उसकी तबियत बिगड़ गई। बीमारी के पहले लक्षण 26 जून को दिखे, जब अभ्यास के दौरान बृजेश सोलंकी को सुन्नपन महसूस होने लगा। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर नोएडा में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन जैसे-जैसे उनकी हालत बिगड़ती गई, उन्हें कथित तौर पर हाइड्रोफोबिया हो गया – जो रेबीज का एक क्लासिक लक्षण है। बृजेश सोलंकी की शनिवार को मथुरा में एक आस्थावान चिकित्सक के पास जाते समय मौत हो गई।
बृजेश सोलंकी के भाई संदीप सोलंकी ने मीडिया को बताया कि पिल्ले के अंगुली में काटने को बृजेश सोलंकी ने गंभीरता से नहीं लिया और एंटी-रेबीज का टीका नहीं लगवाया। बाद में अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल ने पुष्टि की कि उसे एक पागल जानवर ने काटा था, संभवतः एक बंदर या कुत्ता। बृजेश सोलंकी उस हादसे के दौरान गांव में रह रहे थे और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण ले रहे थे।
बृजेश सोलंकी की हिस्ट्री लेकर उसके परिवार के साथ ही डॉक्टरों ने गांव के 29 लोगों को एंटी रेबीज टीके लगाए। इसके अलावा सभी से अपील भी की गयी है कि जो भी बृजेश सोलंकी के संपर्क में रहा वो जल्द से जल्द एंटी रेबीज लगवा ले।
