छत्तीसगढ़ में सुकमा, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और बीजापुर जिलों में 66 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। माना जा रहा है की छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलवादी नीयद नेल्ला नार, लोन वर्राटू और पूना मारगेम योजना से प्रभावित होकर नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। और सरकार इन्हें मुख्य धारा से जोड़ने का भी काम कर रही है।
कांकेर जिले की एसपी आई कल्याण एलिसेला ने बताया कि नक्सल मोर्चे पर कांकेर पुलिस को भी बहुत बड़ी सफलता मिली है। 13 नक्सलियों ने गुरुवार को पुलिस के सामने सरेंडर किया। ये सभी 62 लाख के इनामी थे। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 5 महिलाएं भी शामिल हैं। इनके सरेंडर से उत्तर बस्तर में नक्सल संगठन को बहुत बड़ा झटका लगा है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में कंपनी कमांडर भी शामिल है।
बीजापुर जिले में तीन दशकों से नक्सल संगठनों में सक्रिय नक्सलियों ने गुरुवार को आत्मसमर्पण किया है। जिले में सरेंडर करने वाले नक्सलियों की संख्या 25 है। इन सभी पर 1 करोड़ 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में 13 महिलाएं भी शामिल हैं।
दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू (घर वापस आइए) और पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान से प्रभावित होकर 15 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 5 नक्सली 17 लाख के इनामी भी हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में एक माओवादी दंपती भी शामिल है।
सुकमा जिले में गुरुवार सुबह 5 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन्हें सरकार की ओर से 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। पांचों नक्सली पुलिस गश्त पार्टी की रेकी करने, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गों में आईईडी/स्पाइक बिछाने, मार्ग खोदकर अवरूद्ध करने जैसे घटनाओं में शामिल रहे हैं।
नारायणपुर जिले में मुकेश के साथ आत्म-समर्पण करने वाले कुल 8 सक्रिय माओवादियों में चार महिला नक्सली भी शामिल हैं। सभी नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वाले नक्सली मुकेश ने बताया कि माओवादी संगठन में अब भीतर से टूटन शुरू हो गई है। मुकेश के अलावा मेडिकल यूनिट से जुड़े डॉक्टर सुखलाल और अन्य महिला नक्सली भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल हैं।
माना जा रहा है कि अबूझमाड़ जैसे संवेदनशील इलाके में माओवादी नेटवर्क की कमजोर होती पकड़ एंटी नक्सल ऑपरेशन को सही दिशा की ओर बढ़ती हुई दिखा रही है। हथियार डालने वाले नक्सलियों को सरकार की ओर से 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही पुनर्वास योजना के तहत सहायता दी जाएगी। इसमें सुरक्षा, आवास, जीविकोपार्जन और सामाजिक पुनः स्थापना शामिल है।

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