वसई-विरार मनपा के पूर्व कमिश्नर अनिल पवार के 12 ठिकानों पर ED की छापेमारी

 

वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) के पूर्व आयुक्त अनिल पवार के आवास सहित 12 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह छापेमारी की। यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गयी, जो नालासोपारा के अग्रवाल नगरी इलाके में डंपिंग ग्राउंड और सीवरेज की जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए भवनों से जुड़ा है।

ED की टीम सुबह सात बजे अनिल पवार के वसई स्थित सरकारी बंगले पर पहुंची। अधिकारियों ने अनिल पवार, उनकी पत्नी और बेटी से तीन घण्टे तक पूछताछ की। उन्हें साथ भी लेकर गयी। ED ने मुंबई, पुणे और नासिक में अनिल पवार से जुड़े 12 ठिकानों पर भी तलाशी ली।

वसई विरार शहर की स्वीकृत विकास योजना के अनुसार, “सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट” और “डंपिंग ग्राउंड” के लिए आरक्षित 60 एकड़ नगरपालिका भूमि पर पिछले कुछ समय में 41 अवैध इमारतों का निर्माण किया गया। आरोपी बिल्डरों और डेवलपर्स ने ऐसी भूमि पर अवैध इमारतों का निर्माण करके और बाद में जाली अनुमोदन दस्तावेज़ों के ज़रिए उन्हें (आम जनता को) बेचकर आम जनता को धोखा दिया है। यह जानते हुए भी कि ये इमारतें अनधिकृत हैं और अंततः ध्वस्त कर दी जाएँगी, डेवलपर्स ने इन इमारतों में कमरे बेचकर लोगों को गुमराह किया और इस तरह गंभीर धोखाधड़ी की।

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 8 जुलाई, 2024 के अपने आदेश में सभी 41 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश दिया। इसके बाद, 41 अवैध इमारतों में रहने वाले परिवारों द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अनुमति याचिका दायर की गई, जिसे खारिज कर दिया गया। सभी 41 इमारतों को ध्वस्त करने का काम VVMC द्वारा 20 फरवरी, 2025 को पूरा किया गया।

मई में, ED ने नालासोपारा, वसई, विरार और हैदराबाद में 13 ठिकानों पर भी छापेमारी की। एजेंसी ने वीवीएमसी के नगर नियोजन उप निदेशक वाईएस रेड्डी के घर से लगभग 9.04 करोड़ रुपये नकद और 23.25 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे जड़ित आभूषण और सोना-चांदी जब्त किया।

2014 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल कुमार खंडेराव पवार का वसई विरार नगर निगम (वीवीएमसी) के आयुक्त पद से तबादला कर दिया गया है। उन्होंने राज्य के आदेश के बाद सोमवार को पद छोड़ दिया। महाराष्ट्र सरकार ने प्रमुख नगर निकायों में चल रहे नौकरशाही फेरबदल के बीच पवार की जगह आईएएस अधिकारी एम.एम. सूर्यवंशी को वीवीएमसी का नया आयुक्त नियुक्त किया है।