राम-भरत मिलाप भी काम न आया। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का उत्कर्ष पैनल मुंबई की बेस्ट (BEST) एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी चुनाव-2025 में एक भी सीट नहीं जीत सका। बेस्ट क्रेडिट सोसायटी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके सदस्य नागरिक परिवहन और बिजली निगम के कर्मचारी हैं, और इस सहकारी संस्था का प्रभाव मुंबई के राजनीतिक और नागरिक क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
BEST पतपेढ़ी की कुल 21 सीटों के लिए हुए चुनाव में शशांकराव पैनल ने बाजी मारते हुए 14 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं महायुति समर्थित सहकार समृद्धि पैनल ने 7 सीटें अपने नाम कीं। जबकि ठाकरे ब्रदर्स का उत्कर्ष पैनल पूरी तरह साफ हो गया और वह ज़ीरो (0) सीट पर सिमट गया।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना की बेस्ट कामगार सेना और राज ठाकरे की एमएनएस की कामगार कर्मकार सेना ने गठबंधन बनाकर उत्कर्ष पैनल उतारा था। दूसरी ओर, महायुति ने बीजेपी विधायक प्रसाद लाड, प्रवीण दरेकर, नितेश राणे और शिंदे गुट की किरण पावस्कर की ताकत को मिलाकर सहकार समृद्धि पैनल उतारा। ठाकरे गुट की शिवसेना ने बेस्ट पटपेढ़ी में पिछले 9 सालों से पकड़ बनाए रखी थी, लेकिन इस बार नतीजों ने न सिर्फ उनकी सत्ता छीन ली, बल्कि उद्धव और राज ठाकरे की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस चुनाव के लिए 18 अगस्त 2025 को मतदान हुआ था। मंगलवार 19 अगस्त 2025 को इसके रिजल्ट की घोषणा होने वाली थी, लेकिन भारी बारिश के कारण वोट काउंटिगं देर से शुरू हुई और परिणाम रात को घोषित किए गए।
बेस्ट क्रेडिट सोसायटी चुनाव का महत्व केवल एक सहकारी संस्था के दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे राज्य की राजनीति में संभावित बदलाव की भूमिका के तौर पर भी देखा जा रहा है। इस चुनाव के परिणाम को देखते हुए लोग आगामी BMC चुनाव के भविष्य पर आंकलन करने लगे हैं।
