फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने पत्नी श्रीदेवी के चेन्नई स्थित फार्महाउस पर कथित तौर पर मालिकाना हक जताने वाले तीन लोगों के खिलाफ मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। बोनी कपूर के अनुसार, एम.सी. संबंदा मुदलियार के परिवार ने 1960 में आपसी सहमति से प्रॉपर्टी का बंटवारा कर लिया था और इसी फैमिली व्यवस्था के आधार पर श्रीदेवी ने कानूनी रूप से यह प्लॉट हासिल किया था। लेकिन अब एक महिला और उसके दो बेटे, संपत्ति पर अपना अधिकार जताने का दावा कर रहे हैं। उनका दावा है कि वह महिला मुदलियार के बेटे की दूसरी पत्नी थी।
न्यायमूर्ति एन. आनंद वेंकटेश ने सोमवार, 25 अगस्त 2025 को ताम्बरम तालुक तहसीलदार को निर्देश दिया कि वह बोनी कपूर द्वारा तीन व्यक्तियों के पक्ष में दिए गए “धोखाधड़ी” कानूनी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र को रद्द करने के लिए किए गए प्रतिनिधित्व पर चार सप्ताह के भीतर निर्णय लें।
बता दें कि चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड (ईसीआर) पर स्थित यह विवादित संपत्ति कथित तौर पर श्रीदेवी ने 19 अप्रैल 1988 को एम.सी. संबंदा मुदलियार से खरीदी थी, जिनके तीन बेटे और दो बेटियां थीं। इस पर बोनी कपूर ने मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया कि तीन लोग चेन्नई स्थित एक फार्महाउस पर अवैध दावा कर रहे हैं, जिसे उनकी दिवंगत पत्नी श्रीदेवी ने अप्रैल 1988 में खरीदा था।
बोनी कपूर का कहना है कि यह शादी अवैध है क्योंकि उस व्यक्ति की पहली पत्नी 1999 तक जीवित थी, जिससे यह कथित दूसरी शादी कानूनन अमान्य हो जाती है। उन्होंने 2005 में तांबरम तहसीलदार द्वारा उन्हें जारी किए गए कानूनी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र को भी चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि अधिकारी का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है क्योंकि परिवार तांबरम में नहीं, बल्कि मायलापुर में रहता था। उन्होंने तीनों पर विवाद पैदा करने के लिए प्रमाण पत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि बोनी कपूर ने श्रीदेवी से जून 1996 में शादी की थी। श्रीदेवी का 24 फरवरी 2018 में दुबई में निधन हो गया था।
