जापान और कोरिया जैसे देशों में ‘गर्लफ्रेंड फॉर हायर’ जैसी सेवाएं चल रही हैं। अब उसी मॉडल को दक्षिण-पूर्व एशिया के एक खूबसूरत देश थाईलैंड ने भी अपना लिया और यहां ‘रेंटल वाइफ’, ‘वाइफ ऑन हायर’ अथवा ‘ब्लैक पर्ल’ प्रथा शुरू कर दी है। रेंटल वाइफ थाईलैंड में टूरिज्म इंडस्ट्री का एक हिस्सा बन चुका है। दिलचस्प ये है कि अगर किसी को लड़की (रेंटल वाइफ) ज्यादा पसंद आ जाए, तो वह शादी भी कर सकता है।
थाईलैंड में शहरीकरण और तेजी से बदलती जिंदगी ने लोगों को काफी अकेला कर दिया है। ऐसे में बहुत से लोग स्थायी रिश्तों की जगह अस्थायी रिश्तों को तवज्जो देने लगे हैं। यहां के समाज में रिश्तों और आजादी को लेकर थोड़ा लचीला नजरिया भी है, जिससे ऐसे ट्रेंड्स को समाज की स्वीकार्यता मिल जाती है। यही वजह है कि रेंटल वाइफ जैसी परंपरा अब थाईलैंड में तेजी से फैल रही है।
थाईलैंड में रेंटल वाइफ का ट्रेंड सिर्फ एक अस्थाई रिश्ता नहीं, बल्कि एक बड़ा बिजनेस बन चुका है। इसकी वजह से कई महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं, लेकिन यह चलन सामाजिक और नैतिक बहस का विषय भी बनता जा रहा है।
दरअसल, ‘थाई टैबू- द राइज ऑफ वाइफ रेंटल इन मॉडर्न सोसाइटी’ नाम की किताब, जिसे लावर्ट ए इमैनुएल ने लिखा है, में इस चलन की गहराई से जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि कैसे थाईलैंड में गरीब पृष्ठभूमि की महिलाएं पैसे कमाने और अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए इस काम को अपनाने लगी हैं। ये महिलाएं आमतौर पर बार या नाइट क्लब में काम करती हैं और वहीं से उन्हें ग्राहक मिलते हैं। ग्राहक, ज्यादातर विदेशी टूरिस्ट होते हैं जो छुट्टियां मनाने थाईलैंड आते हैं।
रेंटल वाइफ बनने वाली महिलाओं की कीमत कई चीजों पर निर्भर करती है – उनकी उम्र, सुंदरता, पढ़ाई-लिखाई और समय की अवधि पर। कुछ महिलाएं केवल कुछ दिन के लिए किराए पर रहती हैं, तो कुछ महीनों तक भी साथ रहती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, किराया 1600 डॉलर (करीब 1.3 लाख रुपये) से लेकर 116000 डॉलर (करीब 96 लाख रुपये) तक भी हो सकता है। इस पर कोई कानून नहीं है, इसलिए सब कुछ एक निजी समझौते के तहत होता है।
