दिशा पाटनी
फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित घर पर फायरिंग करने वाले शूटरों को यूपी STF, हरियाणा STF और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की स्पेशल सेल टीम ने गाज़ियाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों के पास से पुलिस ने जिगाना पिस्तौल बरामद किया है। यही जिगाना पिस्तौल प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद और मुंबई में NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में प्रयोग की गयी थी।
जिगाना पिस्तौल तुर्की में बनती है। पाकिस्तान और नेपाल के रास्ते ड्रोन की सहायता से स्मगल कर यह भारत लायी जाती है। इस काम में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI स्मगलरों की मदद करती है। जिगाना पिस्तौल का प्रयोग मलेशियाई आर्मी, अजरबैजान आर्मी, फिलिपिन आर्मी भी करती है। ये पिस्तौल पूरी तरह से ऑटोमेटिक होती है। एक बार में ही कई राउंड फायरिंग की जा सकती है और कभी लॉक नहीं होती।
जांच में सामने आया कि 11 सितंबर को बागपत के रहने वाले नकुल और विजय ने दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग की थी। इसके अगले दिन यानी 12 सितंबर को रविंद्र और अरुण ने दोबारा फायरिंग की। लगातार दो दिनों तक हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने फायरिंग के बाद बदमाशों की तलाश तेज कर दी। आखिरकार बुधवार को मुठभेड़ के दौरान रविंद्र और अरुण मारे गए। नकुल और विजय अभी भी फरार हैं। शूटर रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग के थे। दोनों पर एक-एक लाख का इनाम था।
