राजस्थान में खांसी की सिरप डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड पीने से अलग-अलग जगहों पर तीन बच्चों की मौत हो गई है। कफ सिरप बनाने वाली कंपनी कायसन फार्मा के मालिक फैक्ट्री और घर दोनों जगह से गायब हो गए हैं। साथ ही यह भी पता चला है कि साल 2023 में ही कायसन फार्मा की एक दवाई पर प्रतिबंध लगा था।
जानकारी के मुताबिक राजस्थान सरकार की मुफ्त दवा योजना में मिलने वाली खांसी सिरप ‘डेक्सट्रोमेथोरफेन HBr SIRUP IP 13.5 MG5ML पीने से तीन बच्चों की मौत हो गयी। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
दो वर्षीय तीरथराज और उसके चार वर्षीय भाई ललित को 23 सितंबर को सुबह 11 बजे सर्दी-खांसी की शिकायत के साथ वीयर के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टर ने दोनों बच्चों को एक ही कफ सिरप डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड दिया था। तीरथराज को दोपहर 12 बजे घर लौटने के बाद यह सिरप दिया गया था। उसके पिता निहाल सिंह ने बताया कि दवा लेने के बाद बच्चा सो गया, लेकिन जब चार घंटे तक नहीं जागा तो परिवार उसे फिर से वीयर अस्पताल लेकर गया। वहां से उसे भरतपुर के जेनाना अस्पताल रेफर किया गया था। 24 सितंबर की सुबह तीरथराज को जयपुर के जेके लोन अस्पताल भेजा गया, जहां 27 सितंबर को उसकी मौत हो गई।
इसी दवा से भरतपुर, जयपुर, सीकर, बांसवाड़ा में भी बच्चे बीमार हुए हैं। कई बच्चों की किडनियां फेल हो गयी हैं। प्रदेश सरकार ने सीरप पर रोक लगा दी है और उसके विभिन्न बैच के नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा, “सिरप के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
बता दें कि साल 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिकों में बांटी गई इस डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड खांसी की दवा के चलते कोहराम मचा था और 3 बच्चों की मौत हो गई थी।
