पढ़ाई के लिए डांटते थे इसलिए छात्रों ने कर दी मुफ्ती के परिवार की हत्या

 

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांगनौली में हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए मस्जिद में ही पढ़ने वाले 15 व 16 साल के नाबालिग छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। दोनों ने मुफ़्ती द्वारा पढ़ाई में डांटने की वजह से मुफ़्ती की पत्नी और बच्चों की हत्या की थी।

पुलिस ने मस्जिद में लगी सीसीटीवी के फुटेज चेक किए तो दोनों नाबालिग आरोपी कैमरे बंद करते दिखे थे। हत्याकांड के इलाके से पूरे गांव में तनाव की स्थिति बन गयी थी।

मामला बागपत के दोघट थाना क्षेत्र के गांगनौली गांव का है। जहां मस्जिद परिसर में बने कमरे से मुफ्ती इब्राहिम की पत्नी इसराना और उनकी दो बेटियों सोफिया व सुमैया के खून से लथपथ शव बरामद हुए थे। वारदात के बाद से ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना के वक़्त मुफ़्ती इब्राहीम देवबंद में तालिबान प्रतिनिधियों से मुलाक़ात करने गए थे। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी और तनाव फ़ैल गया था। पुलिस ने वारदात के बाद जब मस्जिद के सीसीटीवी डीवीआर को जांच के लिए लैब भेजा, तो खुलासा हुआ कि एक नाबालिग लड़का कैमरे को बंद करता हुआ दिखाई दे रहा है। शक के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की। जहां उसने अपने साथी के साथ मिलकर इस निर्मम हत्या की पूरी कहानी बता दी।

बागपत एसपी सूरज कुमार राय ने मीडिया को बताया कि दोनों नाबालिग मस्जिद में दीनी तालीम लेने आया करते थे। कभी मुफ्ती इब्राहिम पढ़ाते थे तो कभी उनकी पत्नी इसराना। मुफ्ती के डांटने और मारपीट करने से दोनों किशोर नाराज थे और इसी रंजिश में उन्होंने परिवार को खत्म करने की योजना बना ली। शनिवार को जब उन्हें पता चला कि मुफ्ती देवबंद गए हैं, तो दोनों दोपहर में मस्जिद पहुंचे और राजमिस्त्री के काम में इस्तेमाल होने वाली बसौली (हथोड़ी ) को उठा लिया। पहले उन्होंने इसराना पर हमला किया, और जब दो बच्चियों ने शोर मचाने की कोशिश की, तो उन पर भी वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों आरोपी गांव के पास ही घूमते रहे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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