पुणे के ऐतिहासिक किले शनिवार वाड़ा में मुस्लिम महिलाओं ने जिस स्थान पर नमाज़ पढ़ा उस स्थान का भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी और हिंदू संगठनों ने शुद्धिकरण किया, जिसमें उस जगह को गौमूत्र से धोया और शिव वंदना की।
बता दें कि शनिवार वाड़ा पुणे स्थित पेशवाओं का महल है। इसका निर्माण पेशवा बाजीराव ने 1710 से 1746 के बीच करवाया था। कहा जाता है कि छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित हिंदवी स्वराज का अटक से कटक तक विस्तार किया। पानीपत का दूसरा युद्ध भी पेशवाओं ने शनिवार वाड़ा में रहते हुए ही लड़ा। यह फिलहाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में है। पिछले शनिवार को इसी शनिवार वाड़ा परिसर में छह मुस्लिम महिलाओं ने दरी बिछाकर नमाज पढ़ी।
इस मुद्दे पर भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। शनिवार वाड़ा नमाज पढ़ने की जगह नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हमने वहां शिव वंदना और शुद्धिकरण किया गया। हमने भगवा झंडा फहराने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने हमें रोक दिया। ये लोग कहीं भी नमाज पढ़ते हैं और फिर उसे वक्फ संपत्ति में जोड़ने की कोशिश करते हैं। हिंदू समाज अब जागरूक है।
पूरा मामला तब का है जब हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ मुस्लिम महिलाएं शनिवार वाड़ा के अंदर नमाज अदा कर रही थीं। इस पर भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने नाराजगी जताई और कहा कि यह जगह मराठा साम्राज्य का प्रतीक है और यहां नमाज़ पढ़ना हर पुणेकर के लिए चिंता और आक्रोश की बात है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने भी नमाज पढ़ने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि शनिवार वाड़ा हमारी वीरता का प्रतीक है। अगर हिंदू हाजी अली में हनुमान चालीसा पढ़ें तो मुसलमानों की भावनाएं आहत होंगी। इसलिए नमाज सिर्फ मस्जिद में होनी चाहिए।
इस मामले में पुणे पुलिस ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) की शिकायत पर महिलाओं के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया है। किले की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आगे की कार्रवाई ASI के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
