मुंबई में 17 बच्चों को बंधक बनाने वाला सरकारी ठेकेदार इन्काउंटर में मारा गया

रोहित आर्य

मुंबई के पॉश इलाके पवई में गुरुवार को 17 बच्चों को बंधक बनाने वाले रोहित आर्य को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुणे के निवासी रोहित आर्य ने गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे महावीर क्लासिक बिल्डिंग परिसर में स्थित RA स्टूडियो के अंदर 17 बच्चों को बंधक बना लिया था। पुलिस ने 17 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था परन्तु रोहित आर्य मुठभेड़ में मारा गया।

बताते हैं शिवसेना सरकार में दीपक केसरकर जब राज्य के शिक्षा मंत्री थे, तब रोहित आर्य को पुणे के एक स्कूल के नवीनीकरण का ठेका मिला था। रोहित आर्य ने स्कूल का नवीनीकरण कर दिया लेकिन सरकार की तरफ से उसका 2 करोड़ रुपये भुगतान नहीं किया गया। भुगतान के लिये रोहित आर्य ने दीपक केसरकर के पुणे के घर के बाहर कई बार प्रदर्शन भी किया था। जब वह हताश हो गया तो उसने बच्चों को बंधक बनाने की योजना बनाई।

RA स्टूडियो में नियमित रूप से एक्टिंग की क्‍लासेस चलती हैं। रोहित आर्य स्टूडियो का कर्मचारी है और एक यूट्यूब चैनल भी चलाता है। रोहित आर्य पिछले चार-पांच दिनों से एक वेबसीरीज के लिए स्टूडियो में ऑडिशन ले रहा था। गुरुवार सुबह जब 100 बच्चे ऑडिशन के लिए आए, तो उसने बाकी बच्चों को बाहर जाने दिया, लेकिन 17 बच्चों और दो बुज़ुर्ग को अंदर ही बंद रखा। बंधक बनाए गए बच्चों की उम्र 4 से 5 साल के बीच में थी, जिसमें कई छोटी बच्चियां शामिल थीं।

बंधक बनाने के बाद रोहित आर्य ने वीडियो बनाया, जिसमें उसने कहा कि- आत्महत्या करने के बजाय मैंने बच्चों को बंधक बना लिया है। मैंने एक योजना बनाई और कुछ बच्चों को बंदी बना लिया। मेरी मांगें ज़्यादा नहीं हैं। वे बहुत सरल और नैतिक हैं। मेरे कुछ सवाल हैं और मैं कुछ लोगों से बात करना चाहता हूं। मुझे और कुछ नहीं चाहिए। मैं आतंकवादी नहीं हूं, न ही मैं पैसे की मांग कर रहा हूं। मैं बिल्कुल भी अनैतिक नहीं हूं। मैं बस एक सीधी-सादी बातचीत चाहता हूँ। इसीलिए मैंने इन बच्चों को बंधक बना लिया है। तुम्हारी छोटी-सी ग़लती मुझे इस जगह को जलाने के लिए उकसा देगी। मुझे नहीं पता कि मैं बचूंगा या नहीं, लेकिन बच्चों को ज़रूर नुकसान होगा। मुझे दोष मत देना। मुझे नहीं, उन लोगों को ज़िम्मेदार ठहराओ जिन्होंने मुझे बेवजह उकसाया। एक आम आदमी बस बोलना चाहता है। एक बार जब मैं अपनी बात कह दूंगा, तो मैं खुद ही सामने आ जाऊंगा।

रोहित आर्य का वीडियो वायरल होने तथा कुछ पैरेंट्स के पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर देने से मुंबई शहर में हड़कंप मच गया। पवई पुलिस, मुंबई पुलिस की क्विक रेस्पॉन्स टीम (QRT) तथा फायर ब्रिगेड के अधिकारी महावीर क्लासिक बिल्डिंग पहुंचे। उन्होंने रोहित आर्य से बात करने की कोशिश की। रोहित आर्य जब नहीं माना तब पुलिस की एक टीम फायर ब्रिगेड की क्रेन के सहारे पहली मंजिल तक पहुंची और टॉयलेट की खिड़की से अंदर घुसी। पुलिस ने किसी प्रकार बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया लेकिन रोहित आर्य पुलिस से मुठभेड़ करने लगा। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। पुलिस की तरफ से भी एक राउंड गोली चली जो रोहित आर्य के दाहिने साइड की चेस्ट पर जा लगी। रोहित आर्य को एंबुलेंस से जोगेश्वरी स्थित हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रोहित आर्य का शव जेजे अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

इन्काउंटर के बाद रोहित आर्य का सोशल मीडिया पर पोस्ट किया हुआ एक पत्र मिला

1-साल 2013 से मैं Project Let’s Change (PLC) चला रहा हूँ; महाराष्ट्र में इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने 2015 में किया था।

2-2022 में मैंने PLC के “स्वच्छता मॉनिटर” चरण की संकल्पना की।

3- एक Social Entrepreneur होने के नाते, मैंने अपने खर्चे पर 5000 से अधिक स्कूलों में यह प्रकल्प चलाया और इसका प्रभाव तथा परिणाम सिद्ध किया।

4- 2023–24 में मेरे प्रस्ताव को मंजूरी मिली.

5-मुख्यमंत्री “माझी शाळा सुंदर शाळा” अभियान में सबसे अधिक अंक स्वच्छता मॉनिटर को दिए गए।

6- मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने PLC स्वच्छता मॉनिटर अभियान का लोकार्पण किया।

7- संकल्पना मेरी, उसे प्रभावी साबित करने के लिए निवेश मेरा, अभियान का नाम मेरा, प्रस्ताव मेरा, कार्यान्वयन के लिए मेहनत मेरी — परंतु पैसा किसी और को?

Leave a Comment