कोर्ट में रो पड़े पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर

अमिताभ ठाकुर

कोर्ट पहुंचे पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अपना मुकदमा खुद लड़ने की बात कही। इसके बाद उन्होंने कोर्ट से 40 मिनट का समय मांगा। वहीं उन्होंने आठ पेज का अपना स्पष्टीकरण लिखकर दिया। कोर्ट के सामने अपनी बात कहते हुए वे भावुक हो गए। वे रो पड़े। इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बीच रास्ते से आधी रात को गिरफ्तार किया गया।

अमिताभ ठाकुर को बुधवार तड़के लखनऊ पुलिस ने सीतापुर महोली बॉर्डर से गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें देवरिया के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कोर्ट जाते समय अमिताभ ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि हत्या की सुनियोजित साजिश हो रही है। यह गिरफ्तारी इसलिए हुई है कि उनके बेटे का इंटरव्यू प्रभावित हो जाए।

धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बनाए गए आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को बुधवार तड़के लखनऊ पुलिस ने सीतापुर-महोली बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। इस मामले में अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर भी आरोपी हैं।

अमिताभ ठाकुर 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी है। उनकी पहली पोस्टिंग गोरखपुर में बतौर एसपी हुई थी। अमिताभ की पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर सोशल एक्टिविस्ट हैं। 23 मार्च, 2021 को अमिताभ ठाकुर को जबरन रिटायर कर दिया गया था। बाद में अमिताभ ठाकुर ने अपनी राजनीतिक पार्टी आजाद अधिकार सेना बनाई और वह उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

जानकारी के अनुसार अमिताभ ठाकुर 1998 में देवरिया में बतौर एसपी तैनात हुए। आरोप है कि वर्ष 1999 में पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट अलॉट करा लिया। औद्योगिक प्लॉट बी-2 नूतन इंडस्ट्रीज के नाम पर था, जिसमें नूतन ठाकुर की जगह नूतन देवी नाम लिखा गया।

वहीं, पति अमिताभ ठाकुर की जगह अभिजात ठाकुर दर्ज किया गया था। वर्ष 2003 में इस प्लॉट को शराब कारोबारी संजय सिंह को बेच दिया गया। मामले में संजय शर्मा ने सात नवंबर, 2025 को देवरिया कोतवाली में तहरीर देकर नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर पर धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश रचने का आरोप लगाया।

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