बिहार में मुख्यमंत्री रोजगार योजना से खरीदी बकरियां लूट ले गए नकली पुलिस वाले

 

बिहार के समस्तीपुर जिले के कई गांवों में लोग इन दिनों बकरी चोरी की वारदात से परेशान हैं। इस गिरोह के सदस्य पुलिस की वर्दी में गांव के भोले-भाले लोगो के पास पहुंचते हैं, उन्हें हड़काते हैं और फिर बकरी लेकर चलते बनते हैं। ताजा मामला विद्यापति नगर थाना इलाके के मऊ धनेश्वरपुर दक्षिण पंचायत के वार्ड संख्या 9 का है। सुबह करीब तीन बजे चार की संख्या में सभी बदमाश बोलेरो गाड़ी से आए। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि वे इलाके में शराब कारोबारियों को पकड़ने आए हैं। और छह बकरियां लूटकर चले गए।

बता दें कि हथियारबंद लोगों को देखकर ग्रामीण डर गए, इसी बीच उन्होंने दो घरों को निशाना बनाकर छह बकरियां चुरा लीं। पीड़ित रायबहादुर महतो की पत्नी चंपा देवी ने बताया कि बदमाशों ने उनके घर से चार बकरियां उठा लीं। उन्होंने कहा कि डर के कारण वे कुछ समझ नहीं पाईं, क्योंकि बदमाश खुद को पुलिस बता रहे थे। वहीं, पशुपालक संजीन कुमार ने भी चोरी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अपराधियों ने दो घरों से कुल छह बकरियां ले लीं और बोलेरो में बैठकर फरार हो गए।

पीड़ित महिलाओं ने बताया कि वे जीविका समूह से जुड़ी हुई हैं और राज्य सरकार द्वारा दी गई 10–10 हजार रुपये की सहायता राशि से बकरी पालन शुरू किया था। चोरी के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना को लेकर थाना प्रभारी सूरज कुमार ने बताया कि पुलिस को चोरी की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों से आवेदन मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इसी तरह बिदुपुर थाना क्षेत्र के अमेर गांव में लुटेरों ने थाने के चौकीदार को भी नहीं बख्शा। अमीर गांव के चौकीदार कुंदन भगत के टोला में दो स्कॉर्पियो पर सवार लगभग एक दर्जन पुलिस की ड्रेस में लुटेरे पहुंचे। लुटेरों ने कहा कि शराब जांच करने आए हैं और लोगों के घर की तलाशी ली। इस दौरान पिस्तौल और चाकू दिखाकर लोगों में दहशत फैलाया और चौकीदार कुंदन समेत कई लोगों के यहां से 21 बकरियां चुरा कर चलते बने।

अमेर गांव से पहले 13 नवंबर को चक सिकंदर के कल्याणपुर पंचायत के वार्ड नंबर 8 में भी पुलिस की ड्रेस में बकरी लूट की इसी तरह की घटना हुई थी। इसमें मिथिलेश पासवान की बकरी चुरा कर ले गए थे। एक सप्ताह पहले पोखर के पास घटना हुई थी। इसमें विजय पंडित और भूलन मांझी की बकरी लुटेरे ले गए थे। वहीं राघोपुर थाना क्षेत्र के चतुरंग के विजय पासवान की बकरी लूटी गई थी। इस बीच महुआ थाना क्षेत्र के दो गांव में बुलेरो से पहुंचे नकली पुलिस ने बकरी लूट ली थी।

पुलिस भी इस बात को लेकर हैरत में है की वर्दी पहनकर बकरी चोरी करने वाला यह गिरोह समस्तीपुर में कैसे सक्रिय हो गया। बड़ा सवाल यह कि इस गिरोह के पास बोलेरो गाड़ी और हथियार कैसे आए। अगर लुटेरे इतने हाई प्रोफाइल हैं तो यह बकरियां क्यों चुरा रहे हैं? फिलहाल शराबबंदी के नाम पर डरे हुए ग्रामीणों को इसका नुकसान अपनी बकरी देकर चुकाना पड़ रहा है।

बताया जाता है कि ज्यादातर मामले में लोग पुलिस को आवेदन नहीं देते हैं और आवेदन देते भी हैं तो पुलिस गंभीरता से मामले को लेती नहीं है।

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