केरल से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा है कि केंद्र सरकार मनरेगा के बाद अब नोट से भी महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की योजना बना रही है। इसके लिए एक हाई लेवल मीटिंग भी हो चुकी है। जॉन ब्रिटास ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार का असली निशाना महात्मा गांधी हैं न कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू। जॉन ब्रिटास ने आगे कहा कि महात्मा गाँधी के खिलाफ केंद्र सरकार इसलिए है क्योंकि वे हिंदू राष्ट्र के समर्थक नहीं थे।
बता दें कि बीते दिनों संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025 पेश कर महात्मा गांधी का नाम हटा दिया और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह VB-G RAM G कर दिया। इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई है।
इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए माकपा के राज्यसभा सांसद ब्रिटास ने दावा किया है कि भले ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस बात को खारिज करे लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महात्मा गांधी की तस्वीर को भारतीय मुद्रा नोटों से हटाने की योजना बना रही है। ब्रिटास ने सोमवार को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर हाई-लेवल बैठक पहले ही हो चुकी है।
हालांकि सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि मुद्रा नोटों के डिजाइन पर निर्णय आरबीआई लेता है, जो केंद्र के साथ परामर्श में होता है। महात्मा गांधी की तस्वीर 1996 में सभी नोटों पर स्थायी रूप से आ गई थी, जब महात्मा गांधी सीरीज के नोट लॉन्च किए गए थे। 2022 में आरबीआई ने स्पष्ट रूप से खबरों को खारिज किया था, जिसमें दावा किया गया था कि गांधी की तस्वीर को रवींद्रनाथ टैगोर या एपीजे अब्दुल कलाम जैसे अन्य हस्तियों की तस्वीर से बदलने का प्रस्ताव है।

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