महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण (पूर्व) के पैनल क्रमांक-13(क) से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार सरोज मनोज राय के खिलाफ रिट पिटीशन फाइल हो गयी है। कल्याण (पूर्व) के बुद्धिजीवियों ने जनता से अपील की है कि वे सरोज राय को वोट देकर अपना बहुमूल्य वोट बर्बाद न करें।
पैनल क्रमांक-13 (क) के ही कांग्रेस प्रत्याशी रीता शैलेश तिवारी और राहुल प्रकाश काटकर ने यह रिट पिटीशन (क्रमांक-1206/2026) फाइल की है। ABI (abinewz.com) से बात करते हुए वकीलद्वय अभय पांडेय और अनिल पांडेय ने पुष्टि की कि सरोज राय के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट पिटीशन फाइल हो गयी है। रिट पिटीशन में मांग की गयी है कि सरोज राय का चुनाव अवैध घोषित किया जाय और चुनाव अधिकारी अश्विनी कुमार पोतदार को निलंबित किया जाय। नामांकन फॉर्म भरने के दिन सरोज राय और चुनाव अधिकारी ने ब्लंडर मिस्टेक कर दिया था।
ABI (अकेला ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टीगेशन) ने 2 जनवरी 2026 को “थर्टी फर्स्ट इंज्वॉय करने की घाई में चुनाव अधिकारी ने अधूरा नामांकन फॉर्म किया ओके, भाजपा के ‘बदनाम बिल्डर’ की बीवी की नगरसेवकी खटाई में !!” शीर्षक से इस बाबत खबर भी लगायी थी। राहुल काटकर और रीता तिवारी ने सम्बंधित अधिकारियों से शिकायत की थी।
सरोज राय के नामांकन फॉर्म में ब्लंडर मिस्टेक की कुछ झलकियां
1- व्यवसाय की जगह खाली छोड़ी। अर्थात बेरोजगार। जबकि कुल संपत्ति 122, 46, 15, 684 (एक सौ बाइस करोड़, छियालिस लाख, पंद्रह हजार, छः सौ चौरासी रुपये घोषित की। 2- दो पुत्र एक पुत्री सहित तीन संतानें। माँ को पुत्रों की जन्मतिथि याद नहीं, जन्मतिथि का कॉलम खाली छोड़ा। 3- एक महत्वपूर्ण पेज पर दिनांक और स्थल की जगह खाली छोड़ा। 4- इसी पेज पर चुनाव अधिकारी अश्विनी कुमार पोतदार ने एक जगह अपनी सिग्नेचर नहीं की। उस जगह पर सरोज राय ने अपनी सिग्नेचर कर दी। 5- अश्विनी कुमार पोतदार ने राहुल काटकर को लिखित में बताया है कि सरोज राय के फॉर्म में कोई त्रुटि नहीं है। 6- अश्विनी कुमार पोतदार ने राहुल काटकर को लिखित में कोर्ट में जाने की सलाह दी है।
मजेदार बात है कि चुनाव अधिकारी अश्विनी पोतदार ने थर्टी फर्स्ट एंज्वॉय करने की जल्दबाजी में सरोज राय का नामांकन फॉर्म अधूरा ही एक्सेप्ट कर लिया। राहुल काटकर ने जब अश्विनी पोतदार को याद दिलाया कि सरोज राय के नामांकन फॉर्म में बड़ी त्रुटि है तो उन्होंने कहा जाने दे यार। थर्टी फर्स्ट एंज्वाय करने जाना है। तब रात के 8.30 बज रहे थे।
बता दें कि सरोज राय के पति मनोज राय पहले इसी वार्ड से भाजपा पार्टी के ही नगरसेवक थे। उन्होंने इसी क्षेत्र में कुछ बिल्डिंगें बनाई हैं। सभी बिल्डिगें लगभग-लगभग विवादित हैं। कोई भी फ्लैट मालिक मनोज राय के काम से खुश नहीं है। मनोज राय की खुद की भी छवि एक चरित्रहीन व्यक्ति की है। बेटा भी ड्रग्स बेचने के जुर्म में जेल काट चुका है। ऐसे में कल्याण (पूर्व) के बुद्धिजीवियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे सरोज राय को वोट देकर अपना कीमती मत खराब न करें। एक बुद्धिजीवी ने ABI को बताया कि उनका ग्रुप घर-घर जाकर लोगों से निवेदन कर रहा है कि मनोज राय जैसे विवादित व्यक्ति की पत्नी सरोज राय को वोट न दें।
नोट : यह न्यूज़ लिखने का कारण एक फेसबुकिया ब्लैकमेलर है। यह ब्लैकमेलर सुबह फेसबुक पर जिसके खिलाफ लिखता है, शाम को उसका बेटा बन जाता है। 100-200 रुपये मिलते ही यह अपना बाप बदल लेता है। आजकल मनोज राय को अपना बाप बना लिया है। अब मनोज राय का यह अवैध बेटा उनको नुकसान तो करेगा ही न।
