रामलीला के ‘रावण’ ने ‘राम’ पर दर्ज करवाया SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा

 

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में ‘रावण’ ने ‘राम’ पर SC-ST का मुकदमा लिखवाया है। ये चौंकाने वाला मामला रामलीला के मंच पर हुए राम-रावण युद्ध जुड़ा है। श्रीराम के किरदार से चला तीर रावण बने कलाकार की आंख में जा धंसा और उसकी जिंदगी हमेशा के लिए अंधेरे में चली गई। रामलीला मंचन के दौरान हुई इस दुखद घटना ने अब कानूनी रूप ले लिया है।

घटना 13 नवंबर 2025 की देर रात करीब 12:30 बजे की है। सोनभद्र के शाहगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव में रामलीला का मंचन चल रहा था। रामलीला में राम-रावण युद्ध का दृश्य था। भगवान राम की भूमिका में नैतिक पांडेय थे, जिन्होंने स्क्रिप्ट के मुताबिक तीर चलाया। लेकिन लापरवाही से तीर सीधे रावण बने सुनील कुमार की आंख पर लग गया। तीर लगते ही सुनील दर्द से चीख उठे और मंच पर ही गिर पड़े। वहां मौजूद दर्शकों में अफरा-तफरी मच गई।

रामलीला कमेटी के सदस्यों ने तुरंत सुनील को उठाया और प्राथमिक उपचार दिया, मगर हालत गंभीर होने पर उन्हें वाराणसी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, सुनील की बाईं आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है और दूसरी आंख भी प्रभावित हो सकती है। फिलहाल, इलाज अभी चल रहा है। आरोप है कि घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने इलाज के खर्च और सहयोग की मांग की, लेकिन आयोजक रामसनेही सिंह और कलाकार नैतिक पांडेय ने जिम्मेदारी से इन्कार कर दिया। सुनील कुमार के अनुसार, इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

सुनील कुमार अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से हैं। उनके भाई शिवम लाल और खुद सुनील ने शाहगंज पुलिस में तहरीर दी, जिसमें हादसे को जानबूझकर साजिश बताया गया। पुलिस ने 28 जनवरी 2026 को नैतिक पांडेय और रामसनेही सिंह के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

सीओ घोरावल राहुल पांडेय के अनुसार, यह एक दुर्घटना लगती है, जहां तीर मुकुट गिराने के लिए चलाया गया था, लेकिन निशाना चूक गया। शुरुआत में कमेटी ने इलाज में कुछ सहयोग किया था, लेकिन पीड़ित संतुष्ट नहीं हुए, जिसके बाद केस दर्ज हुआ।

Leave a Comment