चेक बाउंसिंग मामले में अभिनेता राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में किया सरेंडर

 

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद नई दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम करीब 4 बजे राजपाल यादव तिहाड़ जेल पहुंचे और अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। इसके बाद जेल प्रशासन ने उनके खिलाफ तय नियमों और मानक प्रक्रियाओं के तहत कार्रवाई शुरू की।

यह मामला सन 2010 का है जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता-पता-लापता’ के लिए मुर्गली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से 5 करोड़ रुपये की राशि लोन के रूप में ली थी। उन्होंने कंपनी को दिया कर्ज समय पर वापस नहीं किया। राजपाल ने कई बार पैसे लौटाने के नाम पर चेक जारी किए, लेकिन वे सब बाउंस हो गए। जिसके बाद कंपनी ने उन पर चेक बाउंस का केस दर्ज करा दिया।

ट्रायल कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी पाते हुए इस मामले में 6 महीने की सजा सुनाई थी। राजपाल ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, जिस पर 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने अस्थायी रोक लगा दी थी। उस समय राजपाल ने समझौते के तौर पर शिकायतकर्ता को पैसे लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन फिर भी उन्होंने वह रकम वापस नहीं की। अब दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि राजपाल को जेल की सजा पूरी करनी ही होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को पूरा करना कानून का हिस्सा है और जो लोग इसका पालन नहीं करेंगे, उन्हें राहत नहीं मिल सकती।

कोर्ट ने से कहा कि सरेंडर के बाद कोर्ट इस बात की जांच करेगी कि कोई राहत दी जा सकती है या नहीं। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राजपाल यादव को पहले जो बार-बार सरेंडर से राहत दी गई थी वह उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों के आधार पर दी गई थी कि विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया जाएगा, और शिकायतकर्ता कंपनी को उसके पैसों का भुगतान कर दिया जाएगा। पर ऐसा नहीं हो पाया। कोर्ट ने बताया कि अभी 9 करोड़ रुपये बकाया हैं।

राजपाल यादव के वकील ने कहा, “अगर एक हफ्ते की मोहलत मिल जाए तो वो भुगतान कर देगा। अर्जी खारिज होने पर वह आत्मसमर्पण कर देंगे। उन्होंने 50 लाख रुपए का इंतजाम कर लिया है। उन्होंने मुझे सबूत भी दे दिए हैं। वो कल पैसे लेकर आएंगे।” उनके वकील ने ये भी कहा कि अभिनेता आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और भुगतान करने की मंशा रखते हैं

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने कहा, “मैंने आपकी अर्जी पहले ही खारिज कर दी थी और सरेंडर के लिए दो दिन का समय दिया था।” अदालत ने साफ कर दिया कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे वो आम व्यक्ति हो या बड़ा फिल्मी सितारा।

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