उत्तर प्रदेश के अनूपशहर में एक परिवार ने ऑनलाइन डॉक्टर की तलाश करते हुए ठगी का शिकार हो गया। साइबर अपराधियों ने एक बीमार व्यक्ति और उसकी पत्नी को अपने जाल में फंसा लिया। इस ठगी में दंपति के खाते से कुल 18 लाख 61 हजार 970 रुपये निकाल लिए गए।
ठगों ने दंपति से मेडिकल कंसल्टेशन शेड्यूल करने के लिए ‘डॉक्टर अपॉइंटमेंट’ नाम का ऐप इंस्टॉल करने को कहा। जैसे ही उन्होंने यह ऐप डाउनलोड किया, साइबर अपराधियों ने उनका बैंक खाता खाली कर दिया। दंपति ने मामले की शिकायत दर्ज कराई है।
दंपति की शिकायत के अनुसार, अनूपशहर के मोहल्ला केदार सहाय निवासी पीड़ित ने 1 दिसंबर 2025 को तबियत खराब होने पर गूगल पर एक डॉक्टर का फोन नंबर सर्च किया। सर्च रिजल्ट में मिले नंबर पर उन्होंने कॉल किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर से जुड़ा बताया और तुरंत अप्वॉइंटमेंट बुक करने को कहा।
कॉलर ने बुकिंग के लिए ‘डॉक्टर अप्वॉइंटमेंट’ नाम का ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। दंपति ने उस पर भरोसा कर ऐप इंस्टॉल कर लिया। ऐप इंस्टॉल होते ही उसने पीड़ित के फोन में कई तरह की अनुमतियां (परमिशन) मांगीं, जिन्हें बिना सोचे-समझे स्वीकार कर लिया गया।
जांचकर्ताओं का मानना है कि इन अनुमतियों के जरिए ठगों ने पीड़ित के मोबाइल पर रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। इससे वे फोन की स्क्रीन पर हो रही गतिविधियों पर नजर रखने लगे और वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) तथा संवेदनशील बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाने में सफल हो गए।
19 फरवरी से 25 फरवरी 2026 के बीच पीड़ित के खाते से 20 अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए गए, जिनके जरिए 10 लाख 7 हजार 561 रुपये निकाले गए। यह रकम छोटे-छोटे हिस्सों में ट्रांसफर की गई, जिससे बैंक से आने वाले मैसेज पर पीड़ित का ध्यान नहीं गया और धीरे-धीरे बड़ी राशि निकल गई।
ठगों ने उसकी पत्नी के बैंक खाते को भी निशाना बनाया। 20 फरवरी से 26 फरवरी के बीच कई लेन-देन के जरिए 8 लाख 54 हजार 409 रुपये निकाल लिए गए। 26 फरवरी को जब लगातार डेबिट मैसेज आए, तब दंपति को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर खाते को ब्लॉक करने की मांग की।
