पश्चिम रेलवे के उपनगर मालाड रेलवे स्टेशन पर नमाज़ पढ़ने के जुर्म में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान मुश्ताक बाबू लोन (35), जो मालाड पूर्व का रहने वाला और फेरीवाला है; सोहेब साह सादकत साह (25), जो वसई का रहने वाला फेरीवाला है; और बिस्मिल्लाह दीन मोहम्मद अंसारी (43), जो मालाड पूर्व का निवासी और फेरीवाला है—के रूप में हुई है।
यह कार्रवाई रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत हुई है। धारा 147 के तहत रेलवे संपत्ति पर अवैध प्रवेश (ट्रेसपास) करने या कहने के बावजूद वहां से न हटने से संबंधित है। वहीं, सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 168 के तहत नोटिस जारी किया है।
यह मामला मालाड रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। साथ ही भाजपा नेता किरीट सोमैया द्वारा कड़ी कार्रवाई की मांग के बाद भी यह कार्रवाई की गई। इस मुद्दे पर बयान देते हुए किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि मुंबई का “इस्लामीकरण” किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या शहर में अलग-अलग तरीकों से सक्रिय हैं और सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
दो दिन पूर्व वायरल वीडियो में कुछ लोगों को मालाड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास एक अस्थायी शेड के नीचे नमाज़ पढ़ते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद सोमैया ने इसे अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा किया। उन्होंने मौके का दौरा भी किया और पुलिस को पत्र देकर इस मामले में केस दर्ज करने की मांग की।
