मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर की दान पेटी से रोजाना 10,000 रुपये चुराने वाले कर्मचारी राजेंद्र पेंडुरकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने संकेत दिया है कि इस आरोप में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
दादर पुलिस के अनुसार चोरी का मामला शुक्रवार सुबह मंदिर प्रबंधन द्वारा सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा के दौरान सामने आया। फुटेज में दिखा कि राजेंद्र पेंडुरकर पुजारियों के कमरे में रखी दानपेटियों से नकदी निकालता था। कभी-कभी वह पेटियों को उल्टा करके भी पैसे निकालता था। राजेंद्र पेंडुरकर न्यू प्रभादेवी रोड पर दैनिक सामना प्रेस के पास की एक इमारत में रहता है। वह 2009 से मंदिर में कार्यरत था।
सुबह करीब 7 बजे नियमित सीसीटीवी जांच के दौरान राजेंद्र पेंडुरकर की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद फुटेज को विस्तार से देखा गया। पाया गया कि वह पुजारियों के कमरे में आरती दानपेटी के पास था और पैसे चुरा रहा था। प्रथम दृष्टया उस पर 10,000 रुपये से अधिक चोरी करने का संदेह है।
पूछताछ के दौरान राजेंद्र पेंडुरकर ने पिछले कुछ दिनों में कई बार नकदी चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस का मानना है कि राजेंद्र पेंडुरकर चोरी एक बड़े संगठित रैकेट का हिस्सा है। राजेंद्र पेंडुरकर और अन्य लोग पिछले दो से तीन महीनों से रोज़ाना करीब ₹10,000 की चोरी कर रहे थे। आरोपी मंदिर बंद होने पर या दानपेटियों को स्थानांतरित करते समय उंगलियों से नकदी निकालते थे और कभी-कभी पेटियों को झुकाकर भी पैसे निकाल लेते थे।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने कहा, “पांच से छह से अधिक कर्मचारी इसमें शामिल हैं और उन्होंने यह काम कई बार किया है। पुलिस कार्रवाई के अलावा सस्पेंशन जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। ये सभी स्थायी कर्मचारी हैं।”
कार्यकारी अधिकारी वीणा पाटिल ने FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 306 (नियोक्ता की संपत्ति की चोरी करने वाले कर्मचारी) के तहत मामला दर्ज किया है।
