मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने पंढरपुर के लिए 4,150 करोड़ रुपये की विकास योजना को मंजूरी दी

 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने सोमवार को मंदिर नगरी पंढरपुर के लिए 4,150.46 करोड़ रुपये की व्यापक विकास योजना को मंजूरी दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 30 महीनों के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं, साथ ही अगले 50 वर्षों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना पर काम किया जाए।

यह निर्णय मंत्रालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की अध्यक्षता में आयोजित पंढरपुर तीर्थक्षेत्र विकास सर्वोच्च समिति की बैठक में लिया गया। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य पंढरपुर को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करना है, जबकि इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को संरक्षित रखा जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि पंढरपुर एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है, जहां सभी धर्मों के श्रद्धालु आते हैं। हर साल लाखों वारकरी आषाढ़ी, कार्तिकी, चैत्री और माघी वारी के दौरान भगवान विट्ठल और रुक्मिणी के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। तीर्थयात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और सड़कों व परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ते दबाव को देखते हुए उन्होंने पूरे क्षेत्र के समग्र और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि विकास कार्यों से श्रद्धालुओं को स्वच्छ, भीड़-रहित, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक अनुभव मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योजना के तहत विकसित की जाने वाली बुनियादी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता वाली, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार होनी चाहिए। साथ ही प्रभावित आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति मालिकों तथा किरायेदारों को बिना देरी के पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक धनराशि समय पर उपलब्ध कराई जाए और किसी भी परियोजना को वित्तीय कारणों से अधूरा न छोड़ा जाए।

सोलापुर के जिला कलेक्टर एस. कार्तिकेयन द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार 735.80 करोड़ रुपये की राशि भीड़ प्रबंधन के लिए कॉरिडोर निर्माण, प्राचीन मंदिरों और मठों के संरक्षण, प्रभावित लोगों के लिए आजीविका के अवसर सृजन और वारकरियों के लिए समेकित सुविधाओं के विकास पर खर्च की जाएगी।

इसके अलावा 1,387.91 करोड़ रुपये की परियोजनाएं नगर प्रदक्षिणा मार्ग के विकास, नदी घाटों के सौंदर्यीकरण, पार्किंग सुविधाओं और वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण, शहरी सौंदर्यीकरण, सड़कों और पुलों के सुधार तथा पालखी ठहराव स्थलों के विकास के लिए प्रस्तावित हैं।

योजना का एक बड़ा हिस्सा—2,026.75 करोड़ रुपये—भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और प्रभावित संपत्तियों व संरचनाओं के मुआवजे के लिए निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि सही तरीके से क्रियान्वयन होने पर यह परियोजना पंढरपुर में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में बड़ा सुधार लाएगी, जिससे तीर्थयात्रियों के आगमन का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और इस पवित्र स्थल की गरिमा व विरासत भी सुरक्षित रहेगी।

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