महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई ‘दिमागी नक्सल’ (इंटेलेक्चुअल नक्सल) वाली टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन ‘दिमागी नक्सलवाद’ उससे भी ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि यह लोगों के दिमाग में मौजूद रहता है।
शनिवार को मुंबई में स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण समारोह के बाद मीडिया से बात करते हुए देवेंद्र फड़णवीस ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा। देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि सोनिया गांधी ‘दिमागी नक्सलवाद’ का उदाहरण हैं, क्योंकि उन्होंने कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाए जाने पर आपत्ति जताई थी और उसका अपमान किया था।
कांग्रेस ने इस आरोप से इन्कार किया है कि सोनिया गांधी को राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाए जाने पर कोई आपत्ति थी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने की मांग कर रही थीं।
देवेंद्र फड़णवीस ने टिप्पणी की, “अगर इसे ‘दिमागी नक्सलवाद’, ‘अराजकता’ और संवैधानिक प्राधिकार का अपमान नहीं कहेंगे, तो फिर क्या कहेंगे?”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की यह टिप्पणी पिछले वर्ष लागू किए गए महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम की पृष्ठभूमि में आई है। यह विवादास्पद कानून सरकार द्वारा ‘वामपंथी उग्रवादी संगठनों’ से जुड़ी ‘गैरकानूनी गतिविधियों’ से निपटने के लिए बनाया गया था। नागरिक समाज संगठनों और आलोचकों के कड़े विरोध के बावजूद जुलाई 2025 में राज्य विधानमंडल ने इसे पारित किया था। आलोचकों ने आशंका जताई थी कि इसका दुरुपयोग असहमति की आवाज को दबाने और नागरिक स्वतंत्रताओं पर अंकुश लगाने के लिए किया जा सकता है।
