पांच उत्तर भारतीय ठगों के खिलाफ FIR दर्ज, कल्याण के “डॉक्टर” को M.S.M.E. का चेयरमैन बनाने के नाम पर ठगे तीन करोड़ रुपये

 

अकेला

ठाणे जिले की मुम्ब्रा पुलिस ने पांच उत्तर भारतीय ठगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। कल्याण के प्रसिद्ध समाजसेवी ‘डॉक्टर’ देवेंद्र सिंह को केंद्र सरकार के M.S.M.E. महामण्डल का महाराष्ट्र यूनिट का चेयरमैन बना देने के नाम पर इन ठगों ने देवेंद्र सिंह से तीन करोड़ रुपये ठग लिए।

देवेंद्र सिंह की शिकायत पर मुम्ब्रा पुलिस ने 16 जनवरी 2025 को भारतीय दंड संहिता-1860 की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 500 और 34 के तहत FIR (नंबर- 0094/2025) दर्ज की है। FIR की कॉपी ABI (abinewz.com) के पास है। आरोपियों की पहचान प्रवीण सिंह, राजेश उपाध्याय, आशीष सिंह, राजेश त्रिपाठी और हरिनारायण राजभर के रूप में हुई है।

FIR के अनुसार देवेंद्र सिंह (56) कल्याण (पूर्व) में रहते हैं। वे तीस गांव नाका, कल्याण (पूर्व) में स्थित सिद्धिविनायक मैटरनिटी और सिद्धिविनायक नेत्रालय अस्पताल के संचालक हैं। उनकी पत्नी डॉ. ज्योति सिंह अस्पताल संभालती हैं। देवेंद्र सिंह का आश्रय नाम से एक एनजीओ भी है जिसका कार्यालय म्हसोबा नगर, दिवा (पूर्व) में है।

आरोपियों में एक आशीष सिंह मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) है। इस बाबत वह देवेंद्र सिंह से भलीभांति परिचित है। वर्ष 2017 में आशीष सिंह ने देवेंद्र सिंह को बताया कि उसकी नौकरी चली गई है। उसे नौकरी की सख्त जरूरत है। उसकी हालत पर दया कर देवेंद्र सिंह ने उसे अपने आश्रय एनजीओ को संभालने का काम दे दिया। कुछ दिन बाद आशीष सिंह ने देवेंद्र सिंह की पहचान प्रवीण सिंह और राजेश उपाध्याय से करवाई। प्रवीण सिंह को उसने बड़ा चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और राजेश उपाध्याय को एक्सपोर्टर-इम्पोर्टर बताया। यह भी बताया कि राजेश उपाध्याय की आईआरएस, आईएएस, आईपीएस और मंत्रियों से अच्छी सेटिंग है। उसने राजेश उपाध्याय का आईपीएस, आईएएस और मंत्रियों के साथ खिंचाए कुछ फोटोग्राफ्स भी दिखाए।

धीरे-धीरे प्रवीण सिंह और राजेश उपाध्याय भी देवेंद्र सिंह के करीब आ गए। अगस्त 2020 में प्रवीण सिंह और राजेश उपाध्याय ने देवेंद्र सिंह को बताया कि केंद्र सरकार के माइक्रो-स्माल-एंड-मीडियम इंटरप्राइसेस (M.S.M.E.) महामण्डल के चेयरमैन राजेश त्रिपाठी उनके गहरे दोस्त हैं। और महाराष्ट्र यूनिट के चेयरमैन की पोस्ट खाली है। राजेश त्रिपाठी की मदद से वे देवेंद्र सिंह को M.S.M.E. महामण्डल का महाराष्ट्र का चेयरमैन बनवा सकते हैं। इससे उन्हें लालबत्ती लगी कार मिलेगी, सरकारी बँगला मिलेगा, मंत्रालय में केबिन मिलेगी, पुलिस सुरक्षा मिलेगी। और तो और देवेंद्र सिंह चेयरमैन बनने के लिए जितना खर्च करेंगे उससे कई गुना वे दो-तीन महीने में ही कमा लेंगे। देवेंद्र सिंह ने वर्ष 2019 में कल्याण (पूर्व) से विधानसभा का बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। वे इसके लिए राजी हो गए। ठगों ने अगस्त 2020 में दिल्ली में राजेश त्रिपाठी से देवेंद्र सिंह की मीटिंग करा दी। तीन करोड़ रुपये देने पर राजेश त्रिपाठी भी देवेंद्र सिंह को चेयरमैन बना देने पर सहमत हो गए। तय समय में देवेंद्र सिंह ने तीन करोड़ रुपये दे भी दिए।

8 नवंबर 2020 को प्रवीण सिंह, राजेश उपाध्याय और देवेंद्र सिंह ने राजेश त्रिपाठी से दिल्ली में पुनः मीटिंग की। राजेश त्रिपाठी ने यह स्वीकार किया कि उन्हें तीन करोड़ रुपये मिल गए हैं। 9 नवंबर 2020 को राजेश त्रिपाठी देवेंद्र सिंह को केंद्र सरकार के M.S.M.E. के चेयरमैन हरिनारायण राजभर के नोएडा घर पर लेकर गया। हरिनारायण राजभर ने देवेंद्र सिंह को तुरत-फुरत नियुक्ति पत्र भी दे दिया। और 25-30 दिन में महाराष्ट्र यूनिट में ज्वाइन करवा देने की बात की। इसके 10 दिन बाद प्रवीण सिंह और राजेश उपाध्याय ने देवेंद्र सिंह को M.S.M.E. महामण्डल के महाराष्ट्र यूनिट के चेयरमैन का पहचान पत्र भी दे दिया। उन्होंने बताया कि मंत्रालय में उनके कार्यालय में रेनोवेशन का काम चालू है। काम ख़त्म होते ही उन्हें ज्वाइन करवा दिया जायेगा।

FIR के अनुसार इसके कुछ दिन बाद देवेंद्र सिंह को पुणे से डॉ. आदित्य पाटकराव का फोन आया। डॉ. आदित्य पाटकराव ने देवेंद्र सिंह को बताया कि उन्हें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय से सूचना मिली है कि उन्होंने (देवेंद्र सिंह ने) किसी को M.S.M.E. का चेयरमैन बनने के लिए रुपये दिए हैं। डॉ. आदित्य पाटकराव ने बताया कि महाराष्ट्र में M.S.M.E. के चेयरमैन का कोई पद है ही नहीं। उनके साथ ठगी हुई है। देवेंद्र सिंह ने इस बाबत प्रवीण सिंह और राजेश उपाध्याय से पूछा तो उन्होंने कहा कि वे दिल्ली जाकर इसकी इंक्वायरी करेंगे। इसके बाद वही हुआ। इन ठगों ने देवेंद्र सिंह को धमकाना शुरू कर दिया। इन्कम टैक्स की रेड पड़वा देंगे, किसी झूठे केस में फंसा देंगे, जान से मरवा देंगे। इन ठगों ने देवेंद्र सिंह की पत्नी डॉ. ज्योति सिंह को भूमाफिया करार कर एक टुटपुँजिये यू-ट्यूब (साधना) पर न्यूज़ भी चलवा दी।

पुणे से डॉ. आदित्य पाटकराव की सूचना, फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी पहचान पत्र और धमकी से परेशान हो देवेंद्र सिंह ने मुम्ब्रा पुलिस में अपने साथ हुई ठगी की शिकायत कर दी। जांच के बाद पुलिस ने पांच ठगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली।

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