‘फर्जी’ के लिए ‘फर्जी’ दादा साहब फाल्के अवॉर्ड खरीदा शाहिद कपूर ने, फर्जी अवॉर्ड बेचने में ‘ग़दर’ मचा दिया है अनिल शर्मा के चेले अनिल मिश्रा ने !!

अनिल मिश्रा

अकेला

वर्ष 2023 में अमेज़ॉन पर एक वेबसिरीज़ आई थी। नाम था फर्जी। इस फर्जी वेबसीरीज में एक्टिंग की थी शाहिद कपूर ने। सीरीज कब रिलीज़ हुई, कब फ्लॉप होकर उतर गई किसी को पता नहीं। और सबको मालूम है कि शाहिद कपूर दोयम दर्जे का एक्टर है। परन्तु फर्जी वेबसिरीज़ के लिए शाहिद कपूर ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड खरीद लिया। वो भी फर्जी अवॉर्ड विक्रेता अनिल मिश्रा से।

अनिल मिश्रा दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड नाम से ‘शोरूम’ (दुकान) चलाता है। इस शोरूम की देखभाल उसकी पत्नी पार्वती मिश्रा, बेटा अभिषेक मिश्रा और बेटी श्वेता मिश्रा करते हैं। अनिल मिश्रा ग्राहक (एक्टर-एक्ट्रेस) फांसता है। शोरूम पूरी तरह अवैध है। पिछले हफ्ते ABI (abinewz.com) ने एक्सपोज़ किया था कि शाहरुख़ खान ने अनिल मिश्रा के शोरूम से जवान फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का अवार्ड खरीदा था। अब मालूम पड़ा है कि शाहिद कपूर ने भी फर्जी वेबसीरीज़ के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड अनिल मिश्रा से ही खरीदा था। संयोग देखिये कि वेबसीरीज़ का नाम फर्जी है। शाहिद कपूर ने भी फर्जी बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड खरीदा भी तो फर्जी दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड।

शाहिद कपूर बेस्ट एक्टर कैसे और कब हो गया, किसी को पता नहीं। शाहिद कपूर वर्ष 2011 में तब मीडिया में चर्चा में आया था जब इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट ने अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के घर पर रेड मारी थी। तब प्रियंका चोपड़ा के बेडरूम से शाहिद कपूर निकला था। बाकी एक्टिंग की दुनिया में उसका कोई बेस्ट योगदान देखा-सुना नहीं गया।

अनिल मिश्रा ने फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत ग़दर फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा का स्पॉट ब्वॉय बनकर की थी। अनिल शर्मा के निर्देशन और सनी देओल की एक्टिंग ने सच में देश में गदर मचा दिया था। उसी अनिल शर्मा का चेला अनिल मिश्रा देश में नकली अवॉर्ड खरीद-बेचकर गदर मचा रहा है। ABI के पास अनिल मिश्रा और एक सज्जन के बीच ऑडियो रिकॉर्डिंग है। इस रिकॉर्डिंग में वे सज्जन अनिल मिश्रा की खिंचाई कर रहे हैं। वे कहते हैं कि आजकल वह (अनिल मिश्रा) बड़ी तेजी से अवॉर्ड खरीद-बेच रहा है। अनिल मिश्रा उनकी खिंचाई को समझ नहीं पा रहा है। अनिल मिश्रा अनिल शर्मा को अपना गुरु मान रहा है। इस अवॉर्ड खरीद-फरोख्त का मास्टरमाइंड अपने बेटे अभिषेक मिश्रा को बता रहा है।

अनिल मिश्रा इन्विटेशन कार्ड और फंक्शन के बैनर-पोस्टर पर बिंदास लिखता है कि इस फंक्शन को प्रधानमंत्री संग्रहालय सपोर्ट कर रहा है। वह सब जगह अशोक स्तंभ का प्रयोग करता ही है। भारत सरकार के टूरिज्म मिनिस्ट्री को तो वह कुछ अपनी समझता ही नहीं है। शेष अगले अंक में …

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