स्वप्निल बांदेकर
अकेला
मीरा-भायंदर, वसई-विरार (MBVV) पुलिस की नवघर पुलिस ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) पार्टी के पूर्व नगरसेवक स्वप्निल बांदेकर को बिल्डर आकाश गुप्ता से 10 करोड़ रुपये हफ्ता मांगने और डेढ़ करोड़ रुपये लेते गिरफ्तार किया है। इसी आरोप में पुलिस ने स्वप्निल बांदेकर के साथी हिमांशु शाह, किशोर काजरेकर एवं नितिन बोलार को भी गिरफ्तार किया है। हिमांशु शाह एक प्रोजेक्ट में आकाश गुप्ता का पार्टनर रह चुका है।
एक फरवरी 2025 को नवघर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (2), 308 (3), 308 (4), 352, 351 (2) और 3 (5) के तहत स्वप्निल बांदेकर, हिमांशु शाह, किशोर काजरेकर एवं नितिन बोलार के खिलाफ एफआईआर (संख्या-0053/2025) दर्ज की है। एफआईआर की कॉपी ABI (abinewz.com) के पास है।
एफआईआर के अनुसार आकाश पवन गुप्ता (34) मुंबई के चूनाभट्टी में रहते हैं। महावीर ग्रुप, सरकार ग्रुप और चिंतहरणी चिंतपुरणी रियलटर्स एलएलपी नाम से उनकी कंस्ट्रक्शन कंपनी है। पालघर जिले के वसई-विरार तथा मुंबई के वर्ली में SRA स्कीम के तहत उनका डेवलपमेंट का काम चालू है। अप्रैल 2024 में वर्ली प्रोजेक्ट के आर्किटेक्ट सूरज सावंत ने आकाश गुप्ता को बताया कि स्वप्निल बांदेकर ने प्रोजेक्ट को अवैध करार कर उस पर कार्रवाई के लिए बहुत जगह पर शिकायतें की हैं। आरटीआई के तहत जानकारियां भी मांगी हैं। मई 2024 में हिमांशु शाह ने भी आकाश गुप्ता को फोन कर बताया कि स्वप्निल बांदेकर उनका ख़ास दोस्त है। बड़ा आदमी है। उसे रुपये (हफ्ता) देना ही पड़ेगा। नहीं तो वह प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा देगा। 22 अक्टूबर 2024 को आरोपियों ने आकाश गुप्ता के साथ स्टारबक्स कॉफी शॉप, खालसा कॉलेज के पास, माटुंगा में मीटिंग की। वहां स्वप्निल बांदेकर ने प्रोजेक्ट को न तुड़वाने के बदले 10 करोड़ रुपये मांगे। सभी शिकायतें वापस लेने के बदले आकाश गुप्ता 25 लाख रुपये देने के लिए राजी हो गए। परन्तु स्वप्निल बांदेकर 10 करोड़ रुपये लेने पर अड़े रहे। भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए स्वप्निल बांदेकर ने हिमांशु शाह से पूछा- हिमांशु तू घोड़ा लाया है क्या। आज इसका गेम ही बजा देता हूँ। आकाश गुप्ता घबराकर डेढ़ करोड़ रुपये देने पर राजी हो गए। इसमें नवम्बर 2024 में 25 लाख रुपये, दिसम्बर 2024 में 25 लाख रुपये और जनवरी 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच प्रति माह 10 लाख रुपये देने की डील हुई।
परन्तु आकाश गुप्ता वादे के अनुसार हफ्ते की रकम नहीं दे पाए। आरोपी उनसे फोन पर लगातार हफ्ता मांगते रहे और धमकाते रहे। परेशान आकाश गुप्ता ने नवघर पुलिस में इसकी शिकायत कर दी। योजना के तहत आकाश गुप्ता ने हिमांशु शाह को एक फरवरी 2025 की शाम 6.30 बजे भायंदर (पूर्व) के बनाना लीफ होटल में हफ्ते की पहली किश्त 25 लाख रुपये लेने के लिए बुलाया। पुलिस ने 25 लाख रुपये लेते हिमांशु गुप्ता को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। बाद में पुलिस ने स्वप्निल बांदेकर, किशोर काजरेकर एवं नितिन बोलार को भी गिरफ्तार कर लिया। स्वप्निल बांदेकर माघी गणेशोत्सव की पूजा में व्यस्त थे इसलिए बनाना लीफ होटल नहीं पहुंच पाए। स्वप्निल बांदेकर के बारे में बताया जाता है कि सुविधा के अनुसार वे खुद को कभी उद्धव ठाकरे गुट तो कभी एकनाथ शिंदे गुट का शिवसैनिक बताते हैं। स्वप्निल बांदेकर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के वसई-विरार शहर महानगरपालिका के नगरसेवक और तालुका प्रमुख रह चुके हैं।
