UMC की फर्जी अधिकारी नीलम कदम ने कांग्रेस नेता जया साधवानी के लिए किया फर्जीवाड़ा ! कॉर्पोरेशन का कम्प्यूटर सिस्टम हैक कर ट्रस्ट की साढ़े चार लाख स्क्वॉयर फुट जगह को बना दिया पांच हजार स्क्वॉयर फुट, फिर वसूला प्रॉपर्टी टैक्स !!

 

अकेला

इस कहानी में दो महिला कैरेक्टर हैं। फर्स्ट-नीलम कदम, सेकंड- जया साधवानी। नीलम कदम के समस्त एजुकेशनल सर्टिफ़िकेट फर्जी हैं। कॉर्पोरेशन में उसका अप्वाइंटमेन्ट फर्जी है। मतलब नीलम कदम फर्जी अधिकारी है। उसके पास एक ही क़्वालीफिकेशन है- बाप और चाचा शिवसेना के नेता हैं। जया साधवानी नाम ही काफी है। सारा शहर उसे-डॉट.डॉट.डॉट- के नाम से जानता है। नीलम कदम ने जया साधवानी के बालकनजी बारी ट्रस्ट की साढ़े चार लाख स्क्वॉयर फुट जगह को मात्र पांच हजार स्क्वॉयर फुट कर दिया। फिर वसूला प्रॉपर्टी टैक्स। नीलम कदम ने यह जघन्य अपराध उल्हासनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कम्प्यूटर सिस्टम को हैक कर किया। ABI के अनुसार यह है न- इट हैपेन्स ओनली इन उल्हासनगर !

समाजसेवक आनंद शिंदे ने बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट पिटीशन फाइल कर मामले की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। जया साधवानी ने बालकन जी बारी ट्रस्ट की जगह को वर्ष 1974 में एक रुपये सालाना 99 वर्ष के लिए राज्य सरकार से अपने पति (मोहन) के नाम लीज पर लिया था। जया साधवानी कैसी महिला है, कांग्रेस की कैसी नेता (नगरसेविका) है, सारा शहर उसे . . . के नाम से जानता है। इसी बालकन जी बारी ट्रस्ट की साढ़े चार लाख स्क्वॉयर फुट जगह को नीलम कदम ने पांच हजार स्क्वॉयर फुट दिखा दिया और इस पांच हजार स्क्वॉयर फुट के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स वसूला मात्र 10,000 रुपये। कायदे से चार लाख स्क्वॉयर फुट का टैक्स लगभग 70 लाख रुपये होना चाहिए। नीलम कदम और जया साधवानी ने मिलकर राज्य सरकार और उल्हासनगर महानगरपालिका को ठग लिया।

नीलम कदम उर्फ़ नीलम बोडारे उर्फ़ नीलम शेजवल उल्हासनगर महापालिका में टैक्स विभाग की अधिकारी है। शिवसेना नेता राजेंद्रसिंह भुल्लर ‘महाराज’ और ABI के एक्सपोज़र के बाद नीलम कदम को जेल में होना चाहिए था। माहौल बन गया था लेकिन तब के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और तब के महापालिका आयुक्त अज़ीज़ शेख की मेहरबानी से वह बच ही नहीं गयी, पदोन्नति भी पा गयी थी। नीलम कदम ने कॉर्पोरेशन का कंप्यूटर सिस्टम हैक किया और उसमें साढ़े चार लाख स्क्वॉयर फुट की जगह को मात्र पांच हजार स्क्वॉयर फुट में बदल दिया। इसलिए उसका प्रॉपर्टी टैक्स आया मात्र 10,000 रुपये।

नीलम कदम ने यह काम अकेले नहीं किया। उसकी पूरी गैंग है। उसकी गैंग के मेंबर हैं – मनोज गोकलानी, सचिन वानखेड़े, सचिन जाधव और आकाश सपकाले। मनोज गोकलानी और सचिन वानखेड़े कर विभाग में ही उपकर निर्धारक व संकलक हैं तो सचिन जाधव कर निरीक्षक है। इनमें से मनोज गोकलानी ही कर विभाग का मास्टरमाइंड है। नीलम कदम के लिए और अन्य लेनदेन (रिश्वतखोरी-हफ्ताउगाही) मनोज गोकलानी ही करता है।

उल्हासनगर महापालिका की नवनियुक्त महिला आयुक्त मनीषा आव्हाले ध्यान दें कि नीलम कदम कॉर्पोरेशन का कम्प्यूटर सिस्टम हैक करके आंकड़ों में फेरबदल, कर राशि कम करने का काम आकाश सपकाले से करवाती है। आकाश सपकाले नागपुर की कोलब्रो कंपनी का इंजीनियर है। इसके पास उल्हासनगर महापालिका के कम्प्यूटर सिस्टम को अपडेट करने का कॉन्ट्रैक्ट था। कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हो गया है। बावजूद इसके यह मुख्यालय में ही जमा हुआ है। इसके पास अभी भी कॉर्पोरेशन के कम्प्यूटर के पासवर्ड हैं। नीलम कदम उसे 50,000 रुपये महीना देती है। बदले में उससे सिस्टम हैक करवाकर लाखों रुपये कमाती है। बालकन जी बारी ट्रस्ट घोटाले में 70 लाख रुपये की जगह 10 हजार रुपये करके नीलम कदम और उसकी गैंग ने जया साधवानी से 15 लाख रुपये रिश्वत ली थी।

जारी है… इट हैपेन्स ओनली इन उल्हासनगर !!

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