कर्नल प्रसाद पुरोहित
अकेला
अकेला ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टीगेशन (ABI) ने यह साबित कर दिया है कि मालेगाँव बम ब्लास्ट पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई (ISI), इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक, आतंकवादी दाऊद इब्राहीम और कांग्रेसी नेताओं ने करवाया था। ABI (abinewz.com) ने पहले भाग में ही खुलासा कर दिया था कि दाऊद इब्राहीम मालेगाँव आया था और मालेगाँव में बैठकर बम ब्लास्ट करने और उसे भगवा आतंकवाद का नाम देने की योजना बनायी थी। अब इस विस्फोटक खुलासे के चौथे भाग में पढ़िए कि मिलिट्री इंटेलिजेन्स (MI) के कर्नल आरके श्रीवास्तव और इंटेलिजेन्स ब्यूरो (IB) के अधिकारी संजय गर्ग ने कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को फंसाया था।
आर. के. श्रीवास्तव तब मिलिट्री इंटेलिजेन्स-9 के डायरेक्टर थे। वे आर्मी हेड क्वार्टर में पोस्टेड थे। एकदिन वे मध्य प्रदेश के पंचमढ़ी में AEC ट्रेनिंग कॉलेज एन्ड सेण्टर पहुँच गए। यहां पर पहले से कर्नल प्रसाद पुरोहित अरबी भाषा का अध्ययन कर रहे थे। आरके श्रीवास्तव ने AEC ट्रेनिंग कॉलेज एन्ड सेण्टर के इंचार्ज लेफ्टिनेंट (कर्नल) जीसी मोहन्ता से कहा कि उन्हें कर्नल प्रसाद पुरोहित को मिलिट्री हेड क्वार्टर दिल्ली ले जाना है। ऊपर (हेड क्वार्टर) से आदेश है। मालेगाँव बम ब्लास्ट में थोड़ी सी पूछताछ करके छोड़ देंगे। आरके श्रीवास्तव ने जीसी मोहन्ता को मूवमेंट ऑर्डर भी दिया। मूवमेंट और जीसी मोहन्ता के ऑर्डर के अनुसार कर्नल प्रसाद पुरोहित को डायरेक्टर MI-20, डायरेक्ट्रेट ऑफ़ मिलिट्री इंटेलिजेन्स, मिलिट्री हेडक्वार्टर्स, दिल्ली में रिपोर्ट करना था। मूवमेंट ऑर्डर के अनुसार कर्नल प्रसाद पुरोहित को पंचमढ़ी से दिल्ली जाना था। लेकिन 29 अक्टूबर 2008 को आरके श्रीवास्तव उन्हें पंचमढ़ी से टैक्सी से भोपाल एयरपोर्ट लेकर आये। भोपाल एयरपोर्ट से वे कर्नल प्रसाद पुरोहित को मुंबई लेकर आ गए। आरके श्रीवास्तव ने प्रसाद पुरोहित का मोबाइल फोन पहले ही छीन लिया था। जब कर्नल प्रसाद पुरोहित ने पूछा कि मूवमेंट ऑर्डर के अनुसार उन्हें तो दिल्ली हेडक्वार्टर जाना है। आरके श्रीवास्तव ने जान से मार डालने की धमकी देकर कर्नल प्रसाद पुरोहित को चुप करा दिया। सिर्फ अपने सीनियर का ऑर्डर फॉलो करने को कहा। आरके श्रीवास्तव पद में कर्नल प्रसाद पुरोहित के सीनियर थे। चूँकि मिलिट्री में अनुशासन को प्राथमिकता दी जाती है कर्नल प्रसाद पुरोहित चुप हो गए। मुंबई एयरपोर्ट के बाहर महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) के अधिकारी और IB अधिकारी संजय गर्ग ने कर्नल प्रसाद पुरोहित को अपनी हिरासत में ले लिया। सबने मिलकर कर्नल प्रसाद पुरोहित को बोरे की तरह एक सफ़ेद रंग की टाटा सूमो में फेंक दिया।
बाद में यह साबित हुआ कि आरके श्रीवास्तव ने मूवमेंट ऑर्डर खुद बना लिया था। मतलब मूवमेंट ऑर्डर फर्जी था। मूवमेंट ऑर्डर को सर्व करने का रूल्स एन्ड रेगुलेशंस भी ठीक से फॉलो नहीं किया था। वे धोखे से कर्नल प्रसाद पुरोहित को मुंबई लाये और महाराष्ट्र ATS और IB अधिकारी संजय गर्ग को हैंडओवर कर दिया।
मुंबई से 200 किलोमीटर दूर नासिक जिले के उपनगर मुस्लिम बहुल इलाके मालेगाँव में 29 सितम्बर 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में बम ब्लास्ट हो गया था। इस ब्लास्ट में 6 लोग मारे गए थे और लगभग 100 लोग घायल हो गए थे। क्रमशः …
