राजेन्द्रसिंह भुल्लर “महाराज”
अकेला
उल्हासनगर बोले तो नकली वस्तु, गोल्ड स्मगलिंग, क्रिकेट बेटिंग, अवैध निर्माण और शून्य कानून व व्यवस्था के लिए फेमस नगर। पहले अवैध निर्माण करना था तो पप्पू कालानी को 20 रुपये वर्ग फुट के हिसाब से दे दो। बिंदास कर लो। वह फाइल UMC मुख्यालय से कालानी महल में मंगवा लेता था। फिर कोणार्क वाले नन्द जेठानी का प्रादुर्भाव हुआ। नन्द जेठानी 21वीं सदी का, पढ़ा-लिखा व्यक्ति। इसने एडवांस टेक्नोलॉजी अपनाकर अवैध कार्य, अवैध निर्माण और रिश्वतखोरी को और एडवांस कर दिया। फाइलों को UMC मुख्यालय से ही गायब करवाने लगा। सहायक संचालक, नगर रचना, जिलाधिकारी कार्यालय ने नन्द जेठानी के एक अवैध निर्माण पर एक्शन लेने के लिए UMC को ऑर्डर दिया था। अब एक्शन ऑर्डर की वह कॉपी UMC मुख्यालय से गायब है।
शिवसेना के वरिष्ठतम नगरसेवक और नेता राजेन्द्रसिंह भुल्लर ‘महाराज’ ने एक्शन ऑर्डर की कॉपी गायब होने का खुलासा किया है। नन्द जेठानी ने सेन्ट्रल हॉस्पिटल के सामने उल्हासनगर-3 में (CTS No-12130, Section-6A, U. No- 5 Part, Sheet No-38) में अवैध निर्माण किया है। इसके लिए UMC ने परमीशन (उमपा/नरवि/118/09/76, दिनांक-8 फरवरी 2010) भी दी थी। परन्तु लोगों की शिकायतों पर नगर रचनाकार अरुण गुरगुले ने 28 दिसम्बर 2010 को परमीशन रद्द कर दी थी। आश्चर्य की बात है कि 8 फरवरी 2021 को UMC ने निर्माण की पुनः परमीशन (उमपा/नरवि/118/09/445) दे दी।
यह निर्माण उसने रेखा मनोहर कस्तूरी के नाम से किया है। सबसे बड़ी बात कि यह सरकारी जमीन है। यह पोस्ट एन्ड टेलीग्राफ के लिए आरक्षित (सार्वजनिक सुविधा आरक्षण क्रमांक-110) जमीन है। 2 दिसम्बर 2020 को एकात्मिक सर्वसमावेशक विकास नियंत्रण व प्रोत्साहन नियमावली (UDCPR) लागू की गई थी। फिर 7 अप्रैल 1994 के सरकारी निर्णय के आधार पर UMC ने उक्त भूखंड पर निर्माण की परमीशन कैसे दी। कायदे से यहां कोई निर्माण किया ही नहीं जा सकता।
राजेन्द्रसिंह भुल्लर ‘महाराज’ ने नन्द जेठानी के इस अवैध निर्माण को तोड़ने और सरकारी जमीन को खाली करवाने के लिए शिकायतें (14 फरवरी 2022, 23 मार्च 2022 और 25 मई 2022) की थीं। शिकायतों पर महाप्रबंधक, नगर रचना विभाग, पुणे ने संज्ञान लिया और जांच और कार्रवाई के लिए सहायक संचालक, नगर रचना, जिलाधिकारी कार्यालय, ठाणे को भेज दिया। जांच के बाद जिलाधिकारी ने निर्माण को अवैध पाया। उन्होंने अवैध निर्माण की फाइल और एक्शन लेने के ऑर्डर को UMC में भेज दिया। UMC ने राजेन्द्रसिंह भुल्लर ‘महाराज’ को बताया/दिखाया कि फाइल तो ऊपर से नीचे आई है लेकिन एक्शन ऑर्डर की कॉपी मिसिंग है। गायब है। इस प्रक्रिया में यह भी महत्वपूर्ण है कि इस वक्त UMC में TP विकास विरारी है तो ADTP ललित खोब्रागड़े है। अब शहर का भगवान ही मालिक है।
पोस्ट एन्ड टेलीग्राफ के लिए आरक्षित जिस भूखंड पर नन्द जेठानी ने निर्माण कर लिया है उसका सनदी एरिया 2629.59 वर्ग मीटर है परन्तु प्रॉपर्टी पेपर पर मात्र 2215.50 वर्ग मीटर है। फिर UMC ने 2629.59 वर्ग मीटर पर निर्माण करने की परमीशन कैसे दी। सबसे बड़ी बात। तय शर्तों के अनुसार निर्माण के बाद ग्राउंड फ्लोर का एरिया केंद्र सरकार को हैंडओवर करना था। परन्तु नन्द जेठानी ने उक्त एरिया केंद्र सरकार (अथवा UMC) को हैंडओवर नहीं किया। फर्स्ट फ्लोर पर पार्किंग बना ली। इस भूखंड पर शो रूम बनाकर क्रोमा और जुडिओ जैसे बड़े ब्रांड को किराये पर दे दिया। हकीकत में प्रति शो रूम का किराया 16 लाख रुपये महीना है परन्तु एग्रीमेंट मात्र 8-8 लाख रुपये माह का दिखाया है।
UMC से दो और अवैध निर्माण पर एक्शन ऑर्डर की कॉपी गायब है। पढ़िए अगले अंक में…
