हिन्दू लड़कियों को मुस्लिम बनाने के गैंग सरगना छांगुर बाबा के 14 ठिकानों पर ED की रेड, बलरामपुर में 12 और मुंबई में 2 ठिकानों पर छापेमारी जारी

 

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में हिन्दू लड़कियों को मुस्लिम बनाने के गैंग के सरगना जमालुदीन उर्फ़ पीर बाबा उर्फ़ छांगुर बाबा के 14 ठिकानों पर आज केंद्रीय जांच एजेन्सी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड चल रही है। गुरुवार सुबह करीब 5 बजे ED की टीमें छापामारी करने मुंबई और बलरामपुर पहुंची। मुंबई में 2 और उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में 14 ठिकानों को ED की टीमें खंगाल रही हैं। हवाला का पैसा, विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में छापेमारी चल रही है।

ED को विदेश में 5 ऐसे बैंक अकाउंट मिले हैं, जिनके जरिए छांगुर बाबा और उसके गिरोह ने विदेशों में पैसों का लेन-देन किया था। दुबई, शारजाह समेत UAE के अलग-अलग शहरों में छांगुर बाबा के 5 बैंक अकाउंट हैं, जिनके जरिए विदेशों से फंडिंग की जा रही थी। छांगुर बाबा को विदेशों से कब-कितना पैसा आया और कहां-कहां से आया, इसकी जांच ED कर रही है। ED को करीब 500 करोड़ की विदेश फंडिंग का पता चला है, जिसके लिए बाबा छांगुर ने विदेशों की यात्राएं भी की थीं।

बताते हैं मुंबई के बांद्रा में शहजाद शेख नामक शख्स से 2 करोड़ के लेन-देन को लेकर पूछताछ चल रही है। यह पैसा नवीन ने शहजाद को दिया था। नवीन भी छांगुर बाबा का करीबी है और वह ED के रडार पर है। ED की जांच के अनुसार, नवीन के बैंक अकाउंट से शहजाद को 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

छांगुर धर्म परिवर्तन कराने के लिए पहले कलमा पढ़वाता था और फिर गाय का मांस खिलाता था। इससे वह संतुष्ट होना चाहता था कि हिंदू धर्म से मोहभंग हुआ या नहीं। इसकी पूरी वीडियो बनाता था। उसे इस्लामिक देशों की उन संस्थाओं को भेजता था, जो धर्मांतरण के लिए फंड देती थीं। जांच में जुटी एटीएस को ऐसे देशों से फंड मिलने के सुराग भी मिले हैं। एक खबर के अनुसार, छांगुर नेपाल सीमा से सटे 46 गांवों में युवाओं को धर्मांतरण के जाल में फंसा रहा था। जलसों के जरिए वह युवाओं की थाह लेता और जिहाद की ओर झुकाव रखने वालों को आर्थिक मदद देने की योजना बनाता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क को मजबूत करने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग की तैयारी थी।

हाई-प्रोफाइल धर्मांतरण गिरोह का सरगना छांगुर बाबा भारत प्रतिकार संघ का उत्तर प्रदेश अध्यक्ष था। इस संगठन की स्थापना कथित तौर पर महाराष्ट्र के नागपुर में हुई थी। आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) अब इस संगठन के राज्य व्यापी नेटवर्क की जांच में जुट गई है। एटीएस का मानना है कि विदेशी धन के फ्लो में मदद करने के साथ-साथ अवैध धर्मांतरण में भी इस संगठन का हाथ हो सकता है।

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