पाकिस्तान को अमेरिका से AMRAAM मिसाइल नहीं मिलने जा रही हैं। अमेरिका ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा है कि पाकिस्तान को नई AMRAAM मिसाइलें मिलेंगी। व्हाइट हाउस का कहना हे कि मीडिया में तरह की खबरें चल रही हैं कि अमेरिकी AMRAAM मिसाइलें पाकिस्तान को देने जा रहा है, लेकिन इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। ‘AIM-120 एडवांस मीडियम रेंज’ की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हैं।
हाल ही में ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार में खबर छपी थी कि अमेरिका के युद्ध विभाग (DoW), जिसे पहले रक्षा विभाग कहा जाता था, द्वारा अधिसूचित हथियारों के एक कॉन्ट्रैक्ट में पाकिस्तान को AIM-120 AMRAAM के खरीदारों में शामिल किया गया है। DoW के अनुसार, AMRAAM को बनाने वाली रेथियॉन को मिसाइल के C8 और D3 वेरिएंट के उत्पादन के लिए “पहले दिए गए कॉन्ट्रैक्ट (FA8675-23-C-0037)” पर 41.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का नया कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। इस संशोधन में पाकिस्तान को विदेशी सैन्य खरीददारों में शामिल किया गया है और इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट का कुल मूल्य 2.51 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। हालांकि, अमेरिका ने अब साफ कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ उनकी हथियारों को लेकर ऐसी कोई डील नहीं हुई है।
अमेरिका की एयर फोर्स के अनुसार, AMRAAM हवा से हवा में मार करने वाली बेहद घातक मिसाइल है। यह मिसाइल अपने टारगेट को खत्म करके ही दम लेती है। AIM-120 को ह्यूजेस एयरक्राफ्ट कंपनी और रेथियॉन कंपनी मिलकर बनाती हैं। इस मिसाइल की लंबाई 143.9 इंच (366 सेंटीमीटर) और इसका लॉन्च करते वक्त वजन 150.75 किलोग्राम होता है। वहीं, यह हवा से हवा में 20 मील तक मार करने की क्षमता रखती है। यह मिसाइल सुपरसोनिक स्पीड से टारगेट की ओर बढ़ती है पलक झपकते ही अपना काम कर देती है। इसमें एक्टिव रडार टर्मिनल या इनर्शियल मिडकोर्स लगे हैं, जो इसे टागरेट पर पहुंचाते हैं। इसका शुरुआती वर्जन सितंबर 1991 से ही अमेरिकी सेना काम में ला रही है।
