पिछले 4 वर्षों में दुर्घटनाओं को लेकर 121 बेस्ट बस चालकों को बर्खास्त या निलंबित किया गया- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा

 

पिछले चार वर्षों में दुर्घटनाओं के मामलों में Brihanmumbai Electric Supply and Transport Undertaking (BEST) के 121 बस चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है, जिसमें बर्खास्तगी भी शामिल है। यह जानकारी सोमवार को राज्य परिषद में उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दी।

एकनाथ शिंदे ने बताया कि इन 121 चालकों में से 58 को 2022 से 2024 के बीच हुई दुर्घटनाओं के कारण नौकरी से बर्खास्त किया गया। वहीं अन्य 63 चालकों को अलग-अलग कारणों से निलंबित किया गया। इसके अलावा इसी तरह के मामलों में 876 अन्य चालकों को भी निलंबन का सामना करना पड़ा।

यह सवाल शिवसेना (UBT) के सुनील शिंदे और 23 अन्य सदस्यों द्वारा उठाया गया था। एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह कार्रवाई उन चालकों पर भी लागू हुई है जो सीधे BEST में कार्यरत हैं और उन पर भी जो ठेकेदार कंपनियों के माध्यम से नियुक्त किए गए हैं।

दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए BEST ने इलेक्ट्रिक बस चलाने वाले चालकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा 200 चालकों को बस-ड्राइविंग सिम्युलेटर सिस्टम के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया है।

एकनाथ शिंदे ने बताया कि BEST के ट्रैफिक और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी बस चालकों के ड्राइविंग पैटर्न की निगरानी भी कर रहे हैं और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है।

संकीर्ण सड़कों पर दुर्घटनाएं कम करने के लिए BEST फिलहाल 906 मिडी बसें चला रहा है। सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए 1,700 मिडी बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी, जिनमें से 1,500 बसें पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत और 200 अतिरिक्त बसें होंगी।

सदस्यों द्वारा उठाए गए सवाल में BEST की वर्तमान स्थिति और हाल की कई दुर्घटनाओं का भी जिक्र किया गया, जिनमें पिछले साल 29 दिसंबर को भांडुप (पश्चिम) रेलवे स्टेशन के पास हुई दुर्घटना भी शामिल है, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और 10 लोग घायल हुए थे।

इस बीच, बढ़ते ट्रैफिक जाम और शहरी प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार से नए ऑटो-रिक्शा परमिट जारी करने पर रोक लगा दी है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने यह जानकारी दी।

प्रताप सरनाईक के कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, नए ऑटो-रिक्शा परमिट जारी करने के मानदंडों पर राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय तक यह रोक जारी रहेगी। Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) ने भी महाराष्ट्र सरकार को सलाह दी है कि जिन शहरों की आबादी पांच लाख से अधिक है, वहां स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर ऑटो-रिक्शा परमिट पर निर्णय लिया जाए।

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