बॉम्बे हाई कोर्ट ने माना पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा मनसुख हिरेन की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता, केस डिस्चार्ज करने से किया इन्कार

 

बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एस.वी. गंगापुरवाला और जस्टिस जी.एस. कुलकर्णी ने मान लिया कि पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा मुकेश अंबानी के एंटीलिया घर के बाहर बम रखने और बिजनेसमैन मनसुख हिरेन की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस बिना पर प्रदीप शर्मा की डिस्चार्ज याचिका ख़ारिज कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्पेशल NIA कोर्ट के फरवरी 2025 के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें उसे डिस्चार्ज करने से मना कर दिया था।

बॉम्बे हाई कोर्ट का यह आदेश मंगलवार, 10 मार्च 2026 को आया।

प्रदीप शर्मा को जून 2021 में NIA ने गिरफ्तार किया था। अपने बचाव में प्रदीप शर्मा ने दलील दी कि उसके खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) के अपराधों या 25 फरवरी, 2021 को एंटीलिया के पास छोड़ी गई स्कॉर्पियो SUV में जिलेटिन की छड़ें रखने का कोई सबूत नहीं है। प्रदीप शर्मा ने मुख्य आरोपी सचिन वाझे, जो एक बर्खास्त API है, के साथ पहले हुई मीटिंग के प्रॉसिक्यूशन के दावों को भी खारिज कर दिया।

NIA के वकीलों ने आरोप लगाया कि प्रदीप शर्मा 17 फरवरी, 2021 को मझगांव में सचिन वाझे से मिला था और उस पर मर्डर, क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी, किडनैपिंग, सबूत मिटाने, UAPA उल्लंघन और आर्म्स एक्ट के अपराधों जैसे आरोप हैं। अभी सुप्रीम कोर्ट से अगस्त 2023 में मिली ज़मानत पर प्रदीप शर्मा की कानूनी लड़ाई उस कॉन्सपिरेसी की हाई-प्रोफाइल जांच के बीच जारी है जिसने मुंबई के अमीर लोगों को हिलाकर रख दिया था।

पुलिस ने कार व्यापारी मनसुख हिरेन के शव को 5 मार्च को मुंब्रा क्रीक से बरामद किया था। इस मामले को पहले सुसाइड बताया जा रहा था। लेकिन बाद में मामला खुल गया। NIA ने इस केस में सचिन वाझे और प्रदीप शर्मा के साथ-साथ पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर रियाजुद्दीन काजी, इंस्पेक्टर सुनील माने, सजायाफ्ता कांस्टेबल विनायक शिंदे, आनंद जाधव, सतीश मोथकुरी, क्रिकेट बुकी नरेश गौर, संतोष शेलार और मनीष सोनी को भी आरोपी बनाया था।

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