बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन प्रणाली अपनाने के निर्देश का पालन न करने पर मुंबई की 102 बेकरियों को काम बंद करने (स्टॉप-वर्क) के नोटिस जारी किए हैं। बेकरी संचालकों को पारंपरिक ओवन से स्वच्छ विकल्पों की ओर बदलने के लिए समय दिया गया था, लेकिन कई बेकरियां अब तक यह बदलाव नहीं कर पाई हैं।
BMC के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में 354 अधिकृत बेकरी पारंपरिक ईंधन जैसे जलाऊ लकड़ी का उपयोग कर रही थीं, जो वायु प्रदूषण में बड़ा योगदान देती हैं। इनमें से 175 बेकरी पहले ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) जैसे स्वच्छ ईंधन पर शिफ्ट हो चुकी हैं, जबकि 69 बेकरी बदलाव की प्रक्रिया में हैं। वहीं, निर्देशों का पालन न करने पर आठ बेकरी को बंद कर दिया गया है।
BMC के एक अधिकारी ने बताया- 15 जनवरी से लकड़ी जैसे पारंपरिक ईंधन का उपयोग करने वाली 102 बेकरियों को स्टॉप-वर्क नोटिस जारी किए गए हैं। जैसे ही वे स्वच्छ ईंधन अपनाएंगी, निरीक्षण किया जाएगा और रोजाना संचालन के लिए अनुमति दे दी जाएगी।
BMC की मुंबई एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन योजना के अनुसार, बेकरी और खाने-पीने की दुकानों से निकलने वाला धुआं और उत्सर्जन शहर के कुल वायु प्रदूषण का लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा है। इसे कम करने के लिए बेकरी मालिकों को बिजली या गैस जैसे स्वच्छ ईंधन अपनाने का निर्देश दिया गया था।
मामले में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने 9 जनवरी 2025 को सभी बेकरियों को 9 जुलाई 2025 तक स्वच्छ ईंधन पर पूरी तरह से शिफ्ट होने का आदेश दिया था। दो बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद 22 अगस्त 2025 की सुनवाई के दौरान बेकरी मालिकों ने और समय मांगा, लेकिन अदालत ने अतिरिक्त राहत देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद BMC ने नियम लागू करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी।
