गुजरात की J.J. ज्वेलरी फर्म के खिलाफ मुंबई में धोखाधड़ी की FIR दर्ज

 

सेन्ट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अहमदाबाद स्थित ज्वेलरी कंपनी JJ Private Limited और अन्य लोगों के खिलाफ 145.69 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी के मामले में FIR दर्ज किया है। यह कंपनी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से लिए गए कर्ज का भुगतान करने में विफल रही थी। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल 2009 से मार्च 2014 के बीच कंपनी और कंसोर्टियम के बीच हुए लेनदेन की जांच की जा रही है।

इस धोखाधड़ी के संबंध में पहली FIR सीबीआई की मुंबई इकाई ने 9 मार्च को दर्ज की। यह FIR एसबीआई के एक डिप्टी जनरल मैनेजर की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। मामला भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और कदाचार से संबंधित धाराओं तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। SBI के अलावा जिन बैंकों को कथित तौर पर इस फर्म ने नुकसान पहुंचाया है, उनमें Bank of India और Indian Overseas Bank, अहमदाबाद शामिल हैं।

शिकायत के अनुसार, JJ प्राइवेट लिमिटेड चांदी और सोने की ईंटों, ज्वेलरी तथा हीरों के निर्माण और व्यापार का काम करती है। कंपनी ने SBI के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को 31 दिसंबर 2025 तक कुल 145.69 करोड़ रुपए का चूना लगाया, जिसमें SBI के 73.5 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ इंडिया के 45.89 करोड़ रुपए और इंडियन ओवरसीज बैंक के 26.30 करोड़ रुपए शामिल हैं। इस राशि में ब्याज भी जुड़ा हुआ है।

शिकायत में कहा गया है कि सितंबर 2013 में कंसोर्टियम ने कंपनी के लोन खाते का पुनर्गठन (रीस्ट्रक्चरिंग) किया था, लेकिन इसके बावजूद कंपनी अपनी भुगतान जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर सकी। इसके बाद SBI ने जुलाई 2013 में और बैंक ऑफ इंडिया व इंडियन ओवरसीज बैंक ने सितंबर 2013 में इस खाते को गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) घोषित कर दिया।

इसके बाद कंसोर्टियम बैंकों ने अलग-अलग फॉरेंसिक ऑडिट कराए, जिनमें कुछ आरोपियों की मिलीभगत से अवैध गतिविधियां होने का खुलासा हुआ। इनमें खातों में हेरफेर, फंड की हेराफेरी व गबन तथा संबंधित पक्षों के साथ संदिग्ध लेनदेन शामिल हैं। इसके आधार पर 2022 से 2024 के बीच JJ प्राइवेट लिमिटेड के लोन खातों को “फ्रॉड” घोषित कर दिया गया और इस मामले की सूचना रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) को दे दी गई।

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