उमेश पाटिल और अजीत सिंह
मुंबई पुलिस के डीसीपी, एसीपी और सीनियर इंस्पेक्टर इतने भोले होते हैं कि उन्हें मालूम नहीं होता है कि उनके एरिया में मटका, दारू, डांस, क्लब, ड्रग्स आदि अवैध धंधे होते भी हैं कि नहीं। कारण, इनका ध्यान सिर्फ ‘मंथली’ और टाइमली ‘कलेक्शन’ पर रहता है। ऐसे में अकेला ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (ABI) कुरार पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर उमेश पाटिल को इन्फॉर्मेशन पास कर रहा है बिल्डर अख्तर हसन रिज़वी ने दो मकोका आरोपियों को जॉब पर रखा है। दोनों मकोका आरोपी अपना ‘जॉब’ ईमानदारी से कर रहे हैं। इन्होंने क़ुरार पुलिस स्टेशन की हद में गदर मचा रखा है। दोनों मकोका आरोपी PI (क्राइम) भरत दराडे के भी बड़े ‘फेवरिट’ हैं।
बता दें कि बिल्डर अख्तर हसन रिज़वी क़ुरार विलेज, प्रताप नगर, मालाड (पूर्व) में SRA के तहत 2,000 फ्लैट का एक प्रोजेक्ट डेवलप कर रहा है। जैसा सब बिल्डर करते हैं वैसा अख्तर हसन रिज़वी भी कर रहा है। अख्तर हसन रिज़वी फ्लैट मालिकों को किराया नहीं दे रहा है, अवैध निर्माण कर रहा है, बगैर FIRE NOC के निर्माण कर रहा है, कुछ फ्लैट मालिकों को प्रॉपर अलॉटमेन्ट बिना फ्लैट अलॉट कर रहा है, प्लान के तहत गार्डन नहीं बना रहा है, वाहन पार्किंग की स्पष्टता नहीं कर रहा है आदि-आदि।
फ्लैट मालिक जानकारी लेने के लिए अख्तर हसन रिज़वी की ऑफिस में जाते हैं तो अजीत सिंह, संजय पांडेय, दीपक मिर्ची, दीपक कांबली, नीलेश अकलेकर, पंकज चालके आदि उन्हें धमकाकर भगा देते हैं। इनमें से अजीत सिंह और संजय पांडेय मकोका के आरोपी हैं। क़ुरार पुलिस ने ही इन पर मकोका लगाया था। अजीत सिंह तो अख्तर हसन रिज़वी का प्रोजेक्ट मैनेजर है तो संजय पांडेय अकाउंटेंट। ऐसे में फ्लैट मालिकों ने समाजसेवक संदीप सिंह को अप्रोच किया। संदीप सिंह ने अख्तर हसन रिज़वी से बात करनी चाही तो नीलेश अकलेकर, नीलेश चालके, बंड्या और 3 अन्य लोगों ने 1 अप्रैल 2026 को उन पर तलवार से जानलेवा हमला कर दिया। संदीप सिंह पर तलवार से हमला करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस हमले का मास्टरमाइंड अजीत सिंह था।
खुद मेडिकल कराकर जब संदीप सिंह क़ुरार पुलिस स्टेशन FIR करने गए तो सीनियर इंस्पेक्टर श्रीमान उमेश पाटिल जी ने संदीप सिंह को ही गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ पहले से ही FIR दर्ज थी कि उन्होंने अजीत सिंह, संजय पांडेय, दीपक मिर्ची, दीपक कांबली, नीलेश अकलेकर और पंकज चालके पर जानलेवा हमला किया। संदीप सिंह जब भी FIR दर्ज करने को कहते तो उमेश पाटिल कहते कि मकोका आरोपी अजीत सिंह का नाम FIR में नहीं लिखेंगे। फिलहाल कैसे भी करके उमेश पाटिल ने संदीप सिंह की FIR दर्ज कर ली। अब इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (IO) भरत दराडे के पेट में दर्द होने लगा। भरत दराडे संदीप सिंह को बता रहे हैं कि वे अजीत सिंह का नाम चार्जशीट से निकाल देंगे। उमेश पाटिल और भरत दराडे को मकोका आरोपी अजीत सिंह से पता नहीं क्यों इतनी ज़्यादा ‘सिम्पैथी’ है।
उमेश पाटिल और भरत दराडे की मकोका आरोपियों- अजीत सिंह और संजय पांडेय- से ‘सहानुभूति’ का एक और परिणाम हुआ। 29 मई 2026 को चार लोग- संजय पांडेय, दीपक मिर्ची, दीपक कांबली और संजय पांडेय- संदीप सिंह की ऑफिस में घुस गए। उन्होंने संदीप सिंह को ऑफर किया कि जैसे उमेश पाटिल, भरत दराडे ‘ले-देकर’ अख्तर हसन रिज़वी के लिए ‘काम’ कर रहे हैं तू भी कर। संदीप सिंह ने जवाब दिया कि वे फ्लैट मालिकों को हक़ दिलाकर रहेंगे। इस पर आरोपियों ने संदीप सिंह को धमकाया कि अब ‘अख्तर भाई’ के काम में अड़ंगा डाला तो तू दुनिया में ही नहीं रहेगा।
तब से संदीप सिंह बहुत डरे हुए हैं। वे शिकायत करने क़ुरार पुलिस स्टेशन नहीं गए। हो सकता है उमेश पाटिल इस बार भी किसी आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लें। संदीप सिंह ने प्रोजेक्ट की RTI के मार्फ़त प्लान की कॉपी मांगी है। उनका कहना है कि वे अब बॉम्बे हाई कोर्ट में रिट पिटीशन फाइल करेंगे।
