केतन अग्रवाल हत्या मामले में उज्ज्वल निकम SPP नियुक्त

उज्वल निकम

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने विशाल अग्रवाल को आश्वासन दिया है कि उनके 25 वर्षीय बेटे केतन अग्रवाल की हत्या के मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी। शुक्रवार को पुणे में विशाल अग्रवाल से मुलाकात के दौरान देवेंद्र फड़णवीस ने अग्रवाल परिवार की मांग स्वीकार करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता उज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक (SPP) नियुक्त करने पर सहमति दी।

केतन अग्रवाल अपने पारिवारिक व्यवसाय ‘सक्सेस ग्रुप’ में निदेशक थे, जो महाराष्ट्र के सबसे बड़े वेयरहाउस डेवलपर्स में से एक माना जाता है। आरोप है कि उनकी मंगेतर सिया गोयल (20) ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी (22) के साथ मिलकर पुणे के लोहगढ़ फोर्ट से धक्का देकर उनकी हत्या कर दी। बताया गया कि सिया गोयल चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी और केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी।

मीडिया से बातचीत में देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि यह कथित हत्या “समाज में उभरती एक चिंताजनक प्रवृत्ति” को दर्शाती है।

देवेंद्र फड़णवीस ने कहा- यह बेहद चौंकाने वाला और समझ से परे है। समाज के तौर पर हमें इस पर विचार करना होगा कि अच्छे परिवारों के पढ़े-लिखे युवक-युवतियों में ऐसी आपराधिक मानसिकता और बदले की भावना क्यों विकसित हो रही है। यह केवल आपराधिक मामला नहीं है, इसका सामाजिक पहलू भी है।

इस बीच पुलिस ने शुक्रवार को सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से दो घंटे से अधिक पूछताछ की। उनसे पूछा गया कि उन्हें सिया गोयल और चेतन चौधरी के रिश्ते के बारे में कब जानकारी मिली और क्या गोयल परिवार के अन्य सदस्य भी इससे अवगत थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, साहिल गोयल ने बताया कि उन्हें कई महीने पहले सिया गोयल और चेतन चौधरी के संबंध के बारे में पता चला था। उन्होंने इसके संभावित परिणामों को देखते हुए अपनी बहन को रिश्ता खत्म करने की सलाह दी थी, क्योंकि उसकी सगाई केतन अग्रवाल से हो चुकी थी।

पुलिस के मुताबिक, साहिल गोयल और चेतन चौधरी की पहचान वर्ष 2024 में क्रिकेट के साझा शौक के कारण हुई थी। दोनों साथ क्रिकेट खेलते थे और बाद में चेतन चौधरी की पहचान सिया गोयल से साहिल गोयल के माध्यम से हुई।

पुणे ग्रामीण पुलिस अब तक दस लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें चेतन चौधरी की दुकान में काम करने वाले कर्मचारी नीरज कुमार भी शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने घटनाक्रम को दोबारा समझने के लिए आरोपी और मृतक दोनों पक्षों के परिवार के सदस्यों को घटनास्थल पर भी ले जाकर पुनर्निर्माण किया।

पुलिस डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित रूप से घटना से पहले और बाद में अपने मोबाइल चैट इतिहास और फोन के रीसायकल बिन को साफ कर दिया था। हटाए गए डेटा को पुनर्प्राप्त करने के लिए मोबाइल फोन फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

लोणावला डिवीजन के उप पुलिस अधीक्षक गजानन टोंपे ने कहा कि जांच में दोनों आरोपियों की “सक्रिय भूमिका” सामने आई है।

वहीं, शुक्रवार को मीडिया से बात करते समय विशाल अग्रवाल से उनके बेटे द्वारा पहने जाने वाले “विग” को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि केतन “हेयर पैच” इस्तेमाल करते थे और इस बारे में गोयल परिवार को शुरुआत से जानकारी थी।

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