जाति प्रमाणपत्र अमान्य होने पर BMC के दो और नगरसेवक अयोग्य घोषित

 

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के दो और नगरसेवकों को जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति (DCCSC) द्वारा उनके जाति प्रमाणपत्र अमान्य घोषित किए जाने के बाद अयोग्य ठहरा दिया गया। महापौर ऋतु तावड़े ने महासभा की बैठक के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की नगरसेविका रोशन शेख और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नगरसेविका बुशरा नदीम मलिक की सदस्यता समाप्त किए जाने की घोषणा की।

इस कार्रवाई के साथ ही पिछले एक महीने में इसी आधार पर अयोग्य ठहराए गए नगरसेवकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

वार्ड 138 (मानखुर्द) से रोशन शेख और वार्ड 170 (कुर्ला पूर्व) से बुशरा नदीम मलिक अन्य पिछड़ा वर्ग (महिला) आरक्षित सीट से निर्वाचित हुई थीं। रोशन शेख द्वारा प्रस्तुत जाति वैधता प्रमाणपत्र को परभणी जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने 27 अप्रैल को अमान्य घोषित कर दिया था, जबकि बुशरा मलिक का प्रमाणपत्र अकोला जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने 2 जुलाई को खारिज कर दिया। महापौर ऋतु तावड़े ने सदन को बताया कि दोनों ने जनवरी 2026 में चुनाव जीतने के बाद अपने जाति वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए थे।

अयोग्यता की घोषणा करते हुए ऋतु तावड़े ने कहा कि दोनों नगरसेविकाओं की सदस्यता उसी तारीख से स्वतः समाप्त मानी जाएगी, जिस दिन उनके जाति वैधता प्रमाणपत्र अमान्य घोषित किए गए।

यह कार्रवाई एक महीने पहले AIMIM के नगरसेवक शमीर रमज़ान पटेल (वार्ड 137, गोवंडी) और शिवसेना (UBT) के नगरसेवक दीपक सावंत (वार्ड 111, भांडुप) को भी इसी आधार पर अयोग्य घोषित किए जाने के बाद की गई है।

इन चार अयोग्यताओं के बाद 227 सदस्यीय BMC में AIMIM के नगरसेवकों की संख्या घटकर 5, NCP की 2 और शिवसेना (UBT) की 64 रह गई है।

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