(अ)शुभम सिंह
अकेला ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (ABI) ने 27 जुलाई 2026 को “मंत्रालय में क्लर्क शुभम सिंह का नारा ‘सबका साथ, सबका विकास’, ‘इसीलिए’ उसका एक्सटेंशन चाहते हैं IAS डॉ. पी. अंबालागन” शीर्षक से प्रधान सचिव डॉ. पी. अंबालागन के निजी सहायक (PA) शुभम सिंह की कारगुजारी को प्रकाशित किया था। उस न्यूज़ में मंत्रालय में शुभम सिंह की लूट-खसोट की मोडसऑपरेंडी लिखी थी। अब जानकारी मिली है कि शुभम सिंह के खिलाफ दो बड़ी शिकायतों के बावजूद डॉ. पी. अंबालागन ने शुभम सिंह को एक्सटेंशन दिलवा दिया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इसी वजह से IAS डॉ. पी. अंबालागन भी ‘रेपे’ जा सकते हैं।
शुभम सिंह उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभाग के प्रधान सचिव (IAS) डॉ. पी. अंबालागन का निजी सचिव (PA) है। वह पिछले आठ साल से प्रधान सचिव के PA के पद पर कुंडली मार कर बैठा है।
जालना के लघु उद्योजक शशिकांत पंचाक्षरी ने 24 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को लिखित में शिकायत कर शुभम सिंह पर कार्रवाई की मांग की थी। शुभम सिंह की लूट-खसोट और पक्षपाती रवैये से लघु उद्योजक कैसे प्रताड़ित होते हैं इसका ज़िक्र शशिकांत पंचाक्षरी ने शिकायती पत्र में किया है। परन्तु प्रधान सचिव (IAS) डॉ. पी. अंबालागन ने पत्र को नज़रंदाज़ कर दिया।
ठाणे जिले के बदलापुर की शिवसेना (शिंदे गुट) की नगरसेविका रेशमा राठौड़ ने भी 10 जून 2026 को शुभम सिंह के खिलाफ शिकायत की थी। रेशमा राठौड़ ने भी शुभम सिंह पर वही-वही आरोप लगाए हैं। प्रधान सचिव (IAS) डॉ. पी. अंबालागन को रेशमा राठौड़ की शिकायत भी महत्वपूर्ण नहीं लगी। उसे भी अपनी जेब में डाल लिया।
शशिकांत पंचाक्षरी और रेशमा राठौड़ के शिकायतों की प्रति ABI (abinewz.com) के पास है।
मुंहजबानी और लिखित में शिकायतों के बावज़ूद उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अंबालागन ने अतिरिक्त सचिव वी. राधा को पत्र लिखकर अपने PA शुभम सिंह को सेवा विस्तार दिए जाने की सिफारिश कर दी।
शुभम सिंह प्रधान सचिव डॉ. पी. अंबालागन का निजी सचिव (PA) है। वह पिछले आठ साल से प्रधान सचिव के PA के पद पर कुंडली मार कर बैठा है।
शिकायत है कि शुभम सिंह अडानी, अम्बानी, बजाज, पवार, JSW, SKD, KINI आदि उद्योगपतियों की फाइल (ऑफर लेटर) के लिए 8 लाख रुपये चार्ज करता है। उस 8 लाख रुपये में से 2 लाख रुपये अपने बॉस IAS डॉ. पी. अंबालागन को देता है। 10-15 हजार कक्ष अधिकारी महेश बेडगे को देता है। बाकी खुद रख लेता है। पता नहीं क्यों अडानी को थोड़ा डिस्काउंट देता है।
शुभम सिंह राजू गावड़े, योगेश मंधानी, अपूर्व देशपांडे जैसे मंत्रालय के दलालों को उद्योग विभाग की पॉलिसी लीक करता है और फिर इन्हीं के जरिये ‘लेनदेन की प्रक्रिया’ पूरी करता है।
इतनी शिकायतों के बावजूद प्रधान सचिव डॉ. पी. अंबालागन शुभम सिंह का ओपनली फेवर करते हैं। शिकायतकर्ताओं ने धमकी दी है कि भविष्य में डॉ. पी. अंबालागन भी ‘रेपे’ जा सकते हैं।
गत सप्ताह मंत्रालय में किसने चिल्ला कर कहा था- ‘पी. अंबालागन चोर है’, पढ़िए अगले अंक में।
