मुंबई-नासिक हाईवे पर मुंबई की ओर जा रहे एक अंगड़िया कंपनी के वाहन को रोककर चालक और उसके एक साथी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इसके बाद वाहन में रखी 1 करोड़ रुपये की नकदी में से 61 लाख 50 हजार रुपये लूटकर डकैत फरार हो गए। यह सनसनीखेज घटना मुंबई-नासिक हाईवे पर खर्डी गांव की सीमा में हुई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जांच में सामने आया है कि इन डकैतों में पुलिसकर्मी भी शामिल थे। इसके चलते पुलिस ने इस मामले को लेकर बेहद गोपनीयता बरती। इस मामले में शाहपुर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शाहपुर पुलिस ने अब तक पांच डकैतों को 27 अगस्त को गिरफ्तार किया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता गोविंद हरगोविंदभाई पटेल (43) अपने परिवार के साथ अलथान, सूरत, गुजरात में रहते हैं। वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में रहने वाले प्रविणभाई की के.पी. अंगड़िया कंपनी में वैन चालक के रूप में काम करते हैं।
हर दिन की तरह 23 अगस्त को भी वह ग्वालियर से मुंबई के मालाड इलाके में स्थित कंपनी के कार्यालय के लिए 1 करोड़ रुपये की नकदी लेकर अपने साथी जिगरभाई पटेल के साथ वैन से मुंबई की ओर रवाना हुए थे।
रास्ते में उन्होंने मुंबई-नासिक हाईवे पर स्थित होटल तुलीप, खर्डी में वाहन रोका और रात का खाना खाया। इसके बाद 24 अगस्त की तड़के करीब 1:15 बजे वे आगे की यात्रा के लिए निकले। इसी दौरान तीन लोगों ने उनकी वैन की खिड़की पर दस्तक देकर उसे खोलने के लिए कहा।
जैसे ही उन्होंने खिड़की खोली, उन लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि वे पुलिस वाले हैं और उन्हें अपना वाहन लेकर पुलिस चौकी चलना होगा। इसके बाद उन्होंने अचानक शिकायतकर्ता चालक गोविंद और उसके साथी जिगरभाई से वाहन की चाबी छीन ली।
दोनों को वैन की बीच वाली सीट पर बैठाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और वाहन को नासिक की दिशा में ले जाया गया।
इसके बाद अपहरण किए गए वाहन को फिर से मुंबई की दिशा में लाया गया और मुंबई-नासिक हाईवे पर एक बंद पड़े होटल के पास रोका गया। वहां दोनों के साथ दोबारा बुरी तरह मारपीट की गई। इसके बाद वाहन में रखे 1 करोड़ रुपये में से 61 लाख 50 हजार रुपये निकाल लिए गए।
शिकायतकर्ता चालक गोविंद पटेल के अनुसार, इसके बाद पांचों अज्ञात आरोपी एक अन्य सफेद रंग की कार में बैठकर फरार हो गए। गोविंद पटेल ने शाहपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि कुछ अज्ञात डकैत पुलिस की वर्दी में थे, जबकि कुछ लोग पुलिसकर्मी जैसे दिखाई दे रहे थे।
शिकायत में आरोपियों का हुलिया बताए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस के सामने बेहद चौंकाने वाली जानकारी आई।
जांच में पता चला कि ये डकैत कोई और नहीं, बल्कि ठाणे ग्रामीण पुलिस बल के पुलिसकर्मी थे। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से जांच शुरू की और अब तक पांच डकैतों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ फरार आरोपी गुजरात के रहने वाले हैं।
डकैती के इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक आरोपी के पुलिसकर्मी होने की पुष्टि हुई है। जांच में सामने आया है कि इस अपराध में कुल 7 से 8 डकैत शामिल हो सकते हैं।
शाहपुर के डीवाईएसपी विशाल नागरगोजे ने बताया कि पुलिस की जांच तेजी से जारी है। हालांकि उन्होंने गिरफ्तार किए गए डकैतों के नाम बताने से इन्कार कर दिया। उनका कहना है कि यदि आरोपियों के नाम सार्वजनिक कर दिए गए तो मामले में फरार अन्य आरोपी सतर्क हो सकते हैं।
शाहपुर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विलास कदम ने बताया कि पुलिस लूटी गई नकदी के साथ-साथ फरार अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
