महाराष्ट्र FDA ने डॉक्टर की पर्ची के बिना कफ सिरप बेचने वाले 1,696 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए

खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवाल

महाराष्ट्र अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने डॉक्टर की Prescription (पर्ची) के बिना कफ सिरप बेचने के आरोप में राज्य में 1,696 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किये हैं। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवाल ने महाराष्ट्र विधान सभा में लिखित यह जानकारी दी।

नरहरि झिरवाल ने बताया कि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 5,001 मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। यह अभियान बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के कफ सिरप की बिक्री रोकने के उद्देश्य से चलाया गया था। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर 1,696 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 301 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस गंभीर उल्लंघन के कारण स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए।

सोमवार को विधानसभा में विधायक विक्रम काले और हेमंत पाटिल ने नकली कफ सिरप के इस्तेमाल और इस पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में मंत्री नरहरि झिरवाल ने बताया कि मध्य प्रदेश से आई उन रिपोर्टों के बाद, जिनमें Coldrif Syrup BN SR 13 पीने से बच्चों की मौत की बात सामने आई थी, महाराष्ट्र सरकार ने अक्टूबर 2025 में डॉक्टर की पर्ची के बिना कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे।

इन निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए FDA ने विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत 625 मेडिकल स्टोर्स की विशेष जांच की गई, जबकि व्यापक कार्रवाई में राज्यभर के 5,000 से अधिक दवा दुकानों को कवर किया गया।

नरहरि झिरवाल ने यह भी बताया कि नांदेड़ के सरकारी अस्पताल में नकली दवाओं की आपूर्ति के एक अलग मामले में तीन लोगों के खिलाफ वज़ीराबाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। नरहरि झिरवाल के अनुसार राज्य की तीन प्रयोगशालाओं में दवाओं के नमूनों की नियमित जांच की जाती है, ताकि Diethylene Glycol और Ethylene Glycol जैसे जहरीले रसायनों की मौजूदगी का पता लगाया जा सके, जो अक्सर मिलावटी कफ सिरप से जुड़े होते हैं। अब तक 265 नमूनों की जांच की जा चुकी है, जबकि 40 नमूने अभी परीक्षणाधीन हैं। जांच किए गए नमूनों में इन जहरीले रसायनों का कोई अंश नहीं मिला है।

जांच प्रक्रिया को तेज करने के लिए राज्य सरकार Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल और महा टेंडर प्रणाली के माध्यम से आधुनिक प्रयोगशाला उपकरण भी खरीद रही है।

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