पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर बिलाल आरिफ सराफी की शनिवार को ईद की नमाज़ के बाद अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, सराफी को पाकिस्तान के मुरीदके स्थित मरकज़ तैयबा के अंदर गोली मारी गई और चाकू से हमला किया गया।
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ कथित वीडियो में सराफी जमीन पर घायल पड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग घबराहट में इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ईद-उल-फितर की नमाज़ खत्म होने के तुरंत बाद, मुरीदके में आतंकी संगठन के मुख्यालय के अंदर ही उन्हें निशाना बनाया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बिलाल आरिफ सराफी लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर था, जो मुरीदके सेंटर में भर्ती का जिम्मा संभालता था। वह युवाओं को “कश्मीर जिहाद” के एजेंडे के तहत जोड़ने के लिए उनकी पहचान करता था। सराफी का काम युवाओं को वैचारिक प्रशिक्षण देकर उनका ब्रेनवॉश करना था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हत्या के पीछे का मुख्य कारण पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। वारदात मुरीदके में लश्कर के ध्वस्त मुख्यालय के पास हुई, जिस पर भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमला किया था।
पुलिस ने इस मामले में संलिप्त परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इंटरनेट मीडिया पर कुछ वीडियो भी बहु-प्रसारित हुए हैं जिनमें बिलाल का शव जमीन पर पड़ा दिखाई दे रहा है, हालांकि उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
