कन्नड़ अभिनेत्री और कर्नाटक के DGP के. रामचंद्र राव की पुत्री रान्या राव के साथ युगांडा के एक सोना तस्कर ने 2 करोड़ रुपये की ठगी की थी। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने रान्या राव को मार्च 2025 में दुबई से लौटते की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। रान्या राव की गिरफ़्तारी से दो साल पहले युगान्डियन तस्कर ने यह ठगी की थी।
पिछले महीने दाखिल चार्जशीट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने कहा कि रान्या राव और उनके सहयोगियों ने मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच भारत में 102.55 करोड़ रुपये मूल्य का 127.28 किलो सोना तस्करी कर लाया। बाद में इस सोने को हैंडलर्स और ज्वैलर्स के नेटवर्क के जरिए घरेलू बाजार में बेचा। रान्या राव और उनके सहयोगी तरुण कोंडूरु राजू ने दुबई से सोना तस्करी करने से पहले युगांडा सहित अफ्रीकी देशों के सप्लायर्स से सोना मंगाने की कोशिश की थी। रान्या राव और तरुण कोंडूरु राजू ने युगांडा, केन्या और तंजानिया जैसे अफ्रीकी देशों के सप्लायर्स से संपर्क किया था।
दोनों ने 2023 में दुबई में ‘वीरा डायमंड्स ट्रेडिंग LLC’ नाम की कंपनी भी बनाई थी ताकि इस लेन-देन को आसान बनाया जा सके। दुबई को ट्रांजिट और ट्रेडिंग हब के रूप में इस्तेमाल किया जाना था। उन्हें बताया गया था कि दुबई के बाजारों के लिए सोने का मुख्य स्रोत अफ्रीकी खदानें हैं, इसलिए उन्होंने सीधे अफ्रीका से सोना खरीदने की कोशिश की। रान्या राव और उनके सहयोगी ने युगांडा स्थित एजेंट ‘बेन’ से संपर्क किया और शुरुआत में 5 किलो के ट्रायल के बाद 50 किलो का सौदा तय किया। दोनों ने पहले 23.5 लाख रुपये (लगभग $25,000) एडवांस दिए और इसके बाद करीब $10,000 (9.39 लाख रुपये) के दो अलग-अलग भुगतान भी किए। लेकिन युगांडा के एजेंट ने कोई सोना डिलीवर नहीं किया। 1 जनवरी 2024 को तरुण राजू युगांडा की राजधानी कंपाला गए और एजेंट से मिले। वहां उन्हें सोना दिखाया गया और कंसाइनमेंट छोड़ने के लिए 1.7 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। रान्या राव दुबई से कैश का इंतजाम कर रही थीं और उसे बेन के सहयोगी को देने की कोशिश कर रही थीं। बाद में तरुण राजू को पता चला कि यह एक धोखाधड़ी थी, जिससे 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ।
ED ने व्हाट्सएप चैट भी बरामद करने का दावा किया है, जिनसे भुगतान के सबूत मिलते हैं। हालांकि एक अन्य अधिकारी के अनुसार कथित धोखाधड़ी को साबित करने के लिए पर्याप्त ठोस साक्ष्य नहीं मिले।
2 करोड़ रुपये की ठगी के बाद रान्या राव और तरुण राजू ने केन्या में भी इसी तरह का प्रयास किया लेकिन वहां भी धोखाधड़ी के कारण योजना रद्द करनी पड़ी। दोनों ने इस मामले में केन्याई अधिकारियों से मदद भी मांगी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने अफ्रीका से सीधे सोना मंगाने का विचार छोड़ दिया।
युगांडा और केन्या के ऑपरेशन रद्द करने के बाद उन्होंने दुबई के स्थानीय बाजार से ही अफ्रीकी डीलर्स के जरिए सोना खरीदना शुरू किया, खासकर देइरा गोल्ड सूक से। साल 2024 की शुरुआत तक वे दुबई में अफ्रीकी सोना डीलर्स से जुड़ गए थे, जो कम मात्रा में छूट पर सोना उपलब्ध कराते थे। ये सप्लायर्स केवल नकद भुगतान लेते थे और बैंक ट्रांसफर से इन्कार करते थे, जैसा कि अवैध बुलियन ट्रेड में आम है।
जांच में यह भी सामने आया कि विदेशों में सोना खरीदना, उसे अवैध तरीके से भारत लाना, नकद में बेचना और फिर हवाला व बैंकिंग चैनलों के जरिए धन को साफ करना—इस पूरी प्रक्रिया को संगठित और सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जा रहा था।
जांच के दौरान अधिकारियों ने रान्या राव की 34 करोड़ रुपये की संपत्ति भी अटैच की है।
