गुजरात के राजकोट में साधु वासवाणी रोड स्थित गौतम क्लिनिक में काम करने वाले डॉ. कमल नांढा को एक महिला डॉक्टर से एकतरफा प्रेम था, लेकिन उस महिला डॉक्टर का अफेयर एक दूसरे डॉक्टर से था। यही बात डॉक्टर कमल नांढा को हजम नहीं हुई। डॉ. कमल नांढा ने उस क्लिनिक के लेबर रूम के अंदर बल्ब होल्डर में स्पाई कैमरा लगा दिया और उस महिला डॉक्टर और उसके प्रेमी डॉक्टर के निजी पलों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। डॉ. कमल नांढा यहीं नहीं रुके उस रिकॉर्डिंग की फुटेज 11 पत्रकारों को दे दी और फिर डॉ. कमल नांढा और पत्रकारों ने दोनों डॉक्टरों को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अब पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार कर लिया है और 11 पत्रकार भागे-भागे फिर रहे हैं।
बता दें कि घटना की शुरुआत साल 2023 से होती है। डॉ. कमल नांढा ने उस कैमरे में इनबिल्ट मेमोरी कार्ड लगा दिया था। जैसे ही बल्ब होल्डर का स्विच ऑन होता कैमरा रिकॉर्डिंग शुरू कर देता था और वीडियो मेमोरी कार्ड में सेव हो जाता था। डॉ. कमल नांढा और पत्रकारों के पास 3,000 से अधिक वीडियो रिकॉर्डिंग के फुटेज हैं। साल 2024 से पत्रकार और डॉ. कमल नाढ़ा डॉक्टरों से 25 लाख रुपये की मांग कर रहे थे और 50,000 रुपये वसूल भी लिए थे।
राजकोट साइबर क्राइम के ACP चिंतन पटेल ने मीडिया को बताया कि 20 मार्च को राजकोट शहर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 308(5), 308(4), 35(2), 356(3), 54, 61 तथा आईटी एक्ट की धारा 66(E), 67 और 67(A) के तहत FIR दर्ज की गयी थी। इस मामले में डॉ. कमल नांढा समेत कुल 12 आरोपी थे। 22 मार्च को पुलिस ने मुख्य आरोपी 32 वर्षीय डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार कर लिया।
ACP चिंतन पटेल के अनुसार इस मामले में पुलिस ने सत्यनी गर्जना, भारत टाइम्स, भारत हेडलाइंस और राजकोट हेडलाइंस नाम के स्थानीय अखबार से जुड़े लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें डॉक्टर और 11 पत्रकारों सहित कुल 12 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पत्रकारो में आरोपियो में हिरेन मकवाणा, अजय चूड़ासमा, हार्दिक डोडिया, जगदीश तेरैया, जिगर सोढ़ा, घनश्याम पटेल, जतिन नथवाणी, स्वाति नथवाणी, अमित ठक्कर और भरत सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
