मीरा रोड का ‘आतंकवादी’ ज़ैब ज़ुबैर अंसारी ‘लोन वुल्फ’ कट्टरपंथी था- एटीएस

 

महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने ज़ैब ज़ुबैर अंसारी के इंटरनेट सर्च इतिहास से पाया है कि वह मुसलमानों के खिलाफ हिंसा से जुड़े वीडियो देख रहा था। उसके मीरा रोड के नया नगर स्थित किराए के फ्लैट से एक नोट भी मिला, जिसमें “लोन वुल्फ” हमलों और इस्लामिक स्टेट का जिक्र था। ज़ैब ज़ुबैर अंसारी के फ्लैट की तलाशी में मुख्य दरवाजे के अंदर चिपका एक पर्चा भी मिला, जिसमें आगंतुकों को तीन कुरान की आयतें पढ़ने और “बिस्मिल्लाह” व “सलाम” कहने का निर्देश दिया गया था। फ्लैट के अंदर एक और पर्चे पर “जिहाद”, “आईएसआईएस” और “खिलाफत” जैसे शब्द लिखे मिले।

पड़ोसियों ने एटीएस अधिकारियों को बताया कि ज़ैब ज़ुबैर अंसारी (31) बहुत कम, या लगभग कभी भी अपने फ्लैट से बाहर नहीं निकलता था। एटीएस के अनुसार, वह भारतीय मूल का है और 19 साल तक अपने परिवार के साथ अमेरिका में रहा। उसने वहां विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और बाद में लैब टेक्नीशियन के रूप में काम किया। वह 2019 में भारत लौटा और कुर्ला में रहने लगा। उसकी शादी अफगान मूल की एक अमेरिकी नागरिक से हुई थी, लेकिन दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद वह 2025 में मीरा रोड आ गया।

एटीएस अधिकारियों के मुताबिक, पिछले पांच महीनों से ज़ैब ज़ुबैर अंसारी ऑनलाइन केमिस्ट्री की क्लासेस ले रहा था। उसके मकान मालिक ने बताया कि उसने पिछले तीन महीनों से किराया नहीं दिया था।

सोमवार सुबह ज़ैब ज़ुबैर अंसारी ने कथित तौर पर 31 वर्षीय सुरक्षा गार्ड सुब्रतो सेन और उनके सुपरवाइजर राजकेशर मिश्रा पर चाकू से बेरहमी से हमला किया। सुब्रतो सेन ने पुलिस को बताया कि वह काशीमीरा के श्रीराम इंटरनेशनल स्कूल में डांस इंस्ट्रक्टर हैं और केवल एक महीने पहले ही इस निर्माण स्थल पर काम शुरू किया था। सुब्रतो सेन ने बताया कि तड़के करीब 3 बजे ज़ैब ज़ुबैर अंसारी ने आसपास किसी मस्जिद के बारे में पूछा। जब सुब्रतो सेन मस्जिद का नाम नहीं बता सके, तो ज़ैब ज़ुबैर अंसारी ने पूछा, “क्या तुम हिंदू हो?” सुब्रतो सेन ने हां में जवाब दिया। करीब 4:30 बजे ज़ैब ज़ुबैर अंसारी फिर साइट पर लौटा। सुब्रतो सेन का हाथ पकड़कर कहा, “तुम हिंदू हो, है ना,” और उन पर हमला शुरू कर दिया।

सुब्रतो सेन भागकर राजकेशर मिश्रा के केबिन में पहुंचे, लेकिन ज़ैब ज़ुबैर अंसारी वहां भी पहुंच गया और राजकेशर मिश्रा से कलमा पढ़कर यह साबित करने को कहा कि वह हिंदू नहीं हैं। जब राजकेशर मिश्रा ऐसा नहीं कर सके, तो ज़ैब ज़ुबैर अंसारी ने उन पर भी हमला कर दिया और फिर वहां से फरार हो गया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मीरा रोड की यह घटना “सेल्फ-रेडिकलाइजेशन” (स्व-प्रेरित कट्टरपंथ) का मामला है और इसकी जांच के लिए एटीएस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले ने स्व-रेडिकलाइजेशन के मुद्दे को गंभीरता से सामने लाया है।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “ऐसा लगता है कि किताबों, इंटरनेट और अन्य सामग्री के जरिए बड़ी मात्रा में कट्टरपंथी विचार फैलाने की कोशिश की गई। वह ‘जिहाद’ की सोच से प्रेरित प्रतीत होता है, जिसका मतलब दूसरे धर्म के लोगों की हत्या करना है। अब एटीएस और एनआईए की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि इस कट्टरपंथ के पीछे कौन है।”

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