नामफलक मराठी में न होने पर BMC ने 3,774 दुकानों पर लगाया जुर्माना

 

बृहन्नमुंबई महानगर पालिका (BMC) के दुकान एवं स्थापना विभाग ने मराठी में नामफलक प्रदर्शित न करने वाले 3,774 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ मजिस्ट्रेट अदालत में मामले दर्ज किए और उन पर कुल 1,91,48,975 का जुर्माना लगाया। BMC के 24 नागरिक वार्डों में कार्यरत फैसिलिटेटर्स (पहले जिन्हें निरीक्षक कहा जाता था) ने तीन वर्षों में कुल 1,58,116 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, जिनमें से 5,020 प्रतिष्ठान कानून के अनुसार नामफलक प्रदर्शित नहीं करते पाए गए। यह कार्रवाई 28 नवंबर 2023 से 31 मार्च 2026 के बीच हुई।

महाराष्ट्र दुकान एवं स्थापना (रोजगार और सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 तथा सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2023 के आदेश के अनुसार, मुंबई की सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों के लिए मराठी देवनागरी लिपि में नामफलक लगाना अनिवार्य है। BMC के दुकान एवं स्थापना विभाग के नियम के अनुसार- सिर्फ लिपि ही नहीं, बल्कि आकार भी महत्वपूर्ण है। दुकानों पर गुजराती, उर्दू या किसी अन्य भाषा की लिपि मराठी, जो राज्य भाषा है, उससे बड़ी नहीं हो सकती। नियमों के अनुसार आठ दिनों के भीतर मराठी नामफलक लगाकर और BMC को जुर्माना जमा कराकर उल्लंघनकर्ता मामले का निपटारा कर सकते हैं।

बता दें 31 मार्च 2026 तक 24 विभागीय कार्यालयों में कुल 3,774 अदालत मामलों को दर्ज किया गया, जिनमें से 3,114 मामलों का निपटारा हो चुका है और मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा 1,91,48,975 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह राशि राज्य सरकार के पास जाती है। अब तक समझौते (कंपाउंडिंग) के लिए 997 आवेदनों पर सुनवाई हुई है और कुल 1,02,68,000 रुपये जमा करने के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें से 981 प्रतिष्ठानों ने महानगरपालिका के खजाने में कुल 99,28,000 रुपये शमन शुल्क के रूप में जमा कराए हैं। बाकी मामलों में कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित है।

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