तकरीबन 22 महीनों से फरार बिल्डर सलमान डोलारे को शनिवार शाम कल्याण की बाजारपेठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सलमान डोलारे पर आरोप है कि उसने यूसुफ हाइट्स, जेएम टॉवर, ज़मज़म विला और मरियम टॉवर नामक चार विवादित आवासीय इमारतों में फर्जी और भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर फ्लैटों का निर्माण और बिक्री की, जिससे सैकड़ों घर खरीदारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
आरक्षित भूखंडों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध इमारतें खड़ी करने के कारण सलमान डोलारे के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में कुल 12 मामले दर्ज हैं और पिछले 22 महीने से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। कल्याण पश्चिम के दूधनाका क्षेत्र स्थित खोटाल मंजिल इमारत की चौथी मंजिल पर एक फ्लैट में सलमान डोलारे के छिपे होने की सूचना कल्याण क्राइम ब्रांच को मिली थी। जब पुलिस ने उसके घर में प्रवेश किया तो वह कहीं दिखाई नहीं दिया। लेकिन एक पुलिसकर्मी की नजर एक अलमारी पर पड़ी। सलमान उसी अलमारी के अंदर छिपा हुआ था।
इसके बाद कल्याण क्राइम ब्रांच, बाजारपेठ पुलिस थाना और महात्मा फुले पुलिस थाना के अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थान पर छापा मारा। कल्याण क्राइम ब्रांच यूनिट-3 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अजीत शिंदे की टीम ने घर में प्रवेश कर सलमान डोलारे को हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा पंचनामा शुरू किए जाने के बाद यह खबर तेजी से पूरे इलाके में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग इमारत के नीचे जमा हो गए। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया।
आरोप है कि सलमान डोलारे और उसके सहयोगियों ने कल्याण क्षेत्र में कई अवैध इमारतों का निर्माण किया है। आरक्षित भूखंडों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए यूसुफ हाइट्स, जेएम टॉवर, ज़मज़म विला और मरियम टॉवर समेत कई परियोजनाओं की जांच विभिन्न एजेंसियां कर रही हैं। इन दोनों इमारतों से संबंधित फाइलों की चोरी होने की शिकायत भी नगर निगम की ओर से बाजारपेठ पुलिस थाने में दर्ज कराई गई है। इस मामले की जांच भी जारी है।
जानकारी के अनुसार, बाजारपेठ और महात्मा फुले पुलिस थानों में सलमान डोलारे के खिलाफ कुल 12 मामले दर्ज हैं। इन मामलों की जांच कल्याण क्राइम ब्रांच, ठाणे क्राइम ब्रांच तथा विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है। सलमान डोलारे के खिलाफ कई पक्षों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतकर्ताओं में केडीएमसी (KDMC) के अधीक्षक उमेश यामगर, पूर्व नगर नियोजन अधिकारी सुरेंद्र तेंगले और विवादित इमारतों के कई निवासी शामिल थे।
