मुंबई के उपनगर जोगेश्वरी स्थित एक निजी अस्पताल से जुड़े दो डॉक्टरों के खिलाफ कथित तौर पर एक पूर्व कर्मचारी के नाम पर धोखाधड़ी से 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी प्राप्त करने और ऐसी सर्जरी (जो कभी हुई ही नहीं थी) के लिए बीमा दावा करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
अस्पताल के पूर्व ऑफिस बॉय प्रकाश पाटिल को अस्पताल की एक कर्मचारी का फोन आया। बातचीत के दौरान कर्मचारी ने कथित रूप से प्रकाश पाटिल को बताया कि डॉक्टरों में से एक ने पहले ही उनके नाम पर मेडिकल बीमा पॉलिसी बनवा ली है। इस पर प्रकाश पाटिल ने कहा कि उन्होंने कभी किसी मेडिकल बीमा के लिए आवेदन नहीं किया था।
इस दावे पर संदेह होने पर उन्होंने कर्मचारी से बीमा संबंधी दस्तावेज भेजने को कहा। दस्तावेज मिलने पर उन्हें पता चला कि एक निजी बीमा कंपनी ने वास्तव में उनके नाम पर मेडिकल बीमा पॉलिसी जारी की थी, जिसमें उनकी जन्मतिथि और कंपनी संबंधी जानकारी सहित व्यक्तिगत विवरण का उपयोग किया गया था।
हालांकि, प्रकाश पाटिल का कहना है कि उन्होंने दस्तावेजों में उल्लिखित कंपनी में कभी काम नहीं किया और न ही बीमा के लिए कोई कागजात जमा किए या कोई चिकित्सकीय जांच कराई। जब उन्हें जानकारी मिली कि उनके नाम पर 5 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी जारी की गई है और 13 जनवरी 2025 को उन्होंने कथित तौर पर खारघर स्थित एक अस्पताल में कैशलेस योजना के तहत सर्जरी कराई है, तब उन्होंने बीमा कंपनी से संपर्क किया।
बीमा कंपनी ने आगे बताया कि 3.56 लाख रुपये का बीमा दावा पहले ही निपटाया जा चुका है, जिसमें से 66,000 रुपये अस्पताल के बैंक खाते में भुगतान के रूप में भेजे गए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित रूप से प्रकाश पाटिल के दस्तावेजों का उपयोग कर बीमा पॉलिसी प्राप्त की और बीमा राशि हासिल करने के लिए फर्जी रिकॉर्ड जमा किए।
धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों में FIR दर्ज कर ली गई है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस मामले में अस्पताल के अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं क्या।
