‘जायकवाड़ी प्रोजेक्ट’ मुआवज़ा घोटाले में IAS अविनाश पाठक गिरफ्तार

IAS अविनाश पाठक

महाराष्ट्र के बीड जिले के पूर्व कलेक्टर को भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले के मामले में गुरुवार को बीड पुलिस ने लातूर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान 55 वर्षीय अविनाश पाठक के रूप में हुई है, जो लातूर के हट्टे नगर के निवासी हैं। IAS अविनाश पाठक पर 241.62 करोड़ रुपये के ‘जायकवाड़ी प्रोजेक्ट’ मुआवज़ा घोटाले का आरोप है। जांचकर्ताओं का दावा है कि भारी-भरकम अतिरिक्त मुआवज़े के भुगतान को मंजूरी दी गई। इसके लिए जाली हस्ताक्षरों और पिछली तारीख के सरकारी आदेशों का इस्तेमाल किया गया था।

पुलिस के अनुसार, बीड के शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में अविनाश पाठक सहित 10 लोगों के खिलाफ फर्जी भूमि अधिग्रहण मुआवजा आदेश जारी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के लिए नियुक्त समिति ने शुरुआती जांच में गंभीर गड़बड़ी पाई। 1 मार्च 2025 से 17 अप्रैल 2025 तक की अवधि के दौरान जारी किए गए फर्जी आदेशों के 154 मामले सामने आए। पाया गया कि तत्कालीन कलेक्टर अविनाश पाठक के नाम, पदनाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया था। इन 154 मामलों में लगभग 241.62 करोड़ रुपये के बढ़ाए हुए मुआवजे राशि के फर्जी आदेश तैयार किए गए थे। जांचकर्ताओं को संदेह है कि बीड जिले से उनके तबादले के बाद भी अविनाश पाठक के नाम, पदनाम और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर नकली मुआवजा मंजूरी आदेश जारी किए गए।

गिरफ्तारी की कार्रवाई सहायक पुलिस अधीक्षक वेंकटरमण (IPS) के नेतृत्व में की गई, जो वर्तमान में बीड उपविभाग और केज उपविभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं — 318(4), 316(5), 338, 336(3), 340(2), 198, 199, 316(2) और 351(4) — के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 तथा संबंधित मध्यस्थता और सुलह प्रावधानों की धारा 14 और 34 भी लगाई गई हैं।

लातूर जिला पुलिस की मदद से टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया ताकि आगे की जांच की जा सके। बीड की विशेष पुलिस टीम गुरुवार तड़के लातूर पहुंची थी। चूंकि अविनाश पाठक का निवास गांधी चौक पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए उन्हें पूछताछ के लिए वहां बुलाया गया और बाद में हिरासत में ले लिया गया।

बीड से तबादले के बाद अविनाश पाठक को मुंबई में मत्स्य आयुक्त नियुक्त किया गया था। हालांकि, कुछ ही समय बाद उन्हें उस पद से हटा दिया गया था। IAS अधिकारी के रूप में उनकी सेवा के अभी कुछ वर्ष बाकी हैं, लेकिन प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोपों और सवालों के चलते राज्य सरकार ने कथित तौर पर उन्हें बिना किसी पोस्टिंग के रखा था।

लातूर निवासी अविनाश पाठक ने इससे पहले कोविड-19 काल के दौरान लातूर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर के रूप में भी सेवा दी थी। उन्होंने धाराशिव जिले में भूमि अधिग्रहण अधिकारी के तौर पर भी काम किया था।

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